केंद्रीय सरकार पवित्र गंगा की तरह ही पंजाब में सतलुज दरिया की भी सफाई कराएगी। केंद्र सरकार इस दरिया को ‘मॉडल रिवर’ के रूप में विकसित करेगी। सरकार ने देशभर की नदियों की सफाई और विकास के लिए तैयार राष्ट्रीय मिशन के अधीन सतलुज दरिया को भी लाने का फैसला किया है।
यह निर्णय वीरवार को दिल्ली के श्रम शक्ति भवन में पंजाब के मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल और जल संसाधन मंत्री उमा भारती के बीच हुई बैठक के दौरान लिया गया।
दोनों नेताओं के बीच विचार-विमर्श के दौरान मुख्यमंत्री ने सतलुज दरिया के प्रदूषण पर चिंता जाहिर की। उन्होंने बताया कि यह पंजाबियों के लिए पवित्र दरिया है और इसे प्रदूषण मुक्त करने के लिए केंद्र सरकार से सहायता देनी चाहिए।
मुख्यमंत्री ने उमाभारती से कहा कि केंद्र की सहायता के बगैर इस अहम काम को पूरा नहीं किया जा सकता। मुख्यमंत्री ने गंगा नदी की तर्ज पर राज्य में दरियाओं की सफाई के लिए विशेष पैकेज की मांग की, जिसे तत्काल स्वीकार करते हुए उमा भारती ने सतलुज को ‘मॉडल रिवर’ के तौर पर विकसित करने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि इस पवित्र दरिया की सफाई में कोई कसर बाकी नहीं छोड़ी जाएगी।
पंजाब की बाकी नदियों के लिए भी मांगी राशि
मुख्यमंत्री बादल ने पंजाब में घगगर नदी की चैनलाइजेशन के काम को पूरा कराने, नवीनीकरण संबंधी प्रोजेक्ट, सतलुज से निकली नहरों के आधुनिकीकरण, नवीनीकरण व प्रसार, पंजाब में सेम की समस्या, ब्यास दरिया को प्रदूषण मुक्त करने, रावी नदी से संबंधित प्रोजेक्टों के लिए भी राशि जारी करने की मांग की। इस पर केंद्रीय मंत्री उमा भारती ने आश्वासन दिया कि पंजाब की सभी मांगों को प्राथमिकता के आधार पर पूरा किया जाएगा।