2008 से फ्लैट का इंतजार कर रहे कर्मचारी इस बार मोदी के साथ अंतरराष्ट्रीय योग दिवस में भाग लेंगे। जबकि पिछले साल जब पीएम मोदी सेक्टर-63 के हाउसिंग स्कीम का लोकापर्ण करने आने वाले थे तो कर्मचारियों ने प्रशासन और सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया था। इस दौरान कर्मचारियों पर पुलिस ने लाठी चार्ज भी किया था। बता दें कि इस स्कीम के तहत जमीन का मामला गृह मंत्रालय के पास पेंडिंग है।
हाउसिंग इंपलाइज सोसाइटी इन 4 हजार सफल आवेदकों के लिए पिछले सात साल से संघर्ष कर रही है। सोसाइटी ने बैठक कर निर्णय लिया कि ड्रॉ में सभी सफल आवेदक मंगलवार को सलाहकार से मिलेंगे। सोसाइटी के अध्यक्ष बलविंदर सिंह का कहना है कि ड्रॉ में सफल कर्मचारी परिवार के सदस्यों के साथ इस योग दिवस में भाग लेंगे।
2008 में निकला था ड्रॉ
प्रशासन ने 2008 में 3930 सफल कर्मचारियों को फ्लैट देने के लिए ड्रॉ निकाला था। इनमें तीन कैटेगरी के अलग अलग फ्लैट का निर्माण होना था। जिसके लिए 7827 कर्मचारियों ने आवेदन किया था। इसके बाद प्रशासन ने कर्मचारियों को फ्लैट देने से इनकार कर दिया था। केंद्र सरकार ने जो मास्टर प्लान को मंजूरी दी है, उसमें भी हाउसिंग स्कीम के लिए सेक्टर-52, 53 और 56 में जमीन रखी है। लेकिन अब प्रशासन जमीन के रेट बढ़ने के कारण पुराने रेट पर फ्लैट देने को तैयार नहीं है। इसलिए सस्ते रेट पर जमीन देने का मामला प्रशासन की ओर से एमएचए को भेजा हुआ है।