हरियाणा में राष्ट्रव्यापी लॉकडाउन के दौरान प्रदेश में सामान्य मरीजों को चिकित्सा सुविधाएं मुहैया करवाने के दृष्टिगत मोबाइल क्लीनिक की शुरुआत की जाएगी। इसके लिए, हरियाणा रोडवेज की बसों को उपयोग में लाया जाएगा। संकट समन्वय समिति की बैठक के दौरान मुख्य सचिव केशनी आनंद अरोड़ा नोडल अधिकारियों से चिकित्सा तैयारियों संबंधी बिंदुवार चर्चा की।
स्वास्थ्य सेवा में लगे स्टाफ की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए मुख्य सचिव ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि पीपीई किट की गुणवत्ता सुनिश्ति करने के लिए कंपनियों द्वारा तैयार की गई पीपीई किटों का सिटरा द्वारा सर्टिफिकेशन प्राप्त किया जाए। इसके अलावा, वेंटिलेटर बनाने वाली कंपनियों और इसके पुर्जे बनानी वाली कंपनियों को भी निर्माण के लिए प्रोत्साहित किया जाए।
उन्होंने कहा कि मोबाइल ओपीडी की सुविधा भी बढ़ाई जाए। उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि खरीद को ध्यान में रखते हुए जिला स्तर पर कंट्रोल रूम भी बनाए जाएं। उन्होंने पुलिस विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि फसल खरीद को लेकर किसानों व श्रमिकों के आवागमन में किसी प्रकार की कोई समस्या न आए, इसके लिए नाकों पर डयूटी दे रहे पुलिसकर्मियों को विस्तृत दिशा-निर्देश दिए जाएं।
जो मजदूरों के रहने-खाने की व्यवस्था करे, वो कारोबार करे
मुख्य सचिव ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि अपने-अपने जिलों में उद्योगपतियों, व्यापारियों से बातचीत कर एक कार्ययोजना तैयार की जाए कि यदि वे सभी अपने कारखानों या फैक्ट्रीयों में श्रमिकों के रहने व खाने-पीने का प्रबंध करते हैं तो वे सभी अपना व्यापार शुरू कर सकते हैं। बैठक में कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव संजीव कौशल ने बताया कि मंडियों व खरीद केंद्रों पर भीड़ न हो, इसे रोकने के लिए विभाग द्वारा एक तंत्र बनाया गया है, जिसके तहत किस दिन, कितने किसानों को खरीद केन्द्रों पर बुलाया जाएगा, उसका मैसेज किसानों को मोबाइल पर भेज दिया जाएगा।