अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। जालंधर सेंट्रल से आम आदमी पार्टी के विधायक रमन अरोड़ा ने अपने खिलाफ दर्ज एफआईआर और पुलिस हिरासत को चुनौती दी है। याचिका पर सुनवाई करते हुए पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने पंजाब सरकार को जवाब दाखिल करने का आदेश दिया है।
याचिका में अरोड़ा ने आरोप लगाया है कि उनके खिलाफ की गई कार्रवाई दुर्भावनापूर्ण और अवैध है। उन्होंने दावा किया कि पार्टी के भीतर मतभेदों के चलते उन्हें परेशान किया जा रहा है। उन पर लगातार विधायक पद से इस्तीफा देने के लिए दबाव बनाया जा रहा है। याची ने बताया कि उन्हें एक मामले में 3 सितंबर को अदालत ने जमानत दी थी। पुलिस ने अन्य मामले में उसी दिन उन्हें गिरफ्तार कर लिया।
याची ने कहा कि यदि इस स्थिति पर गौर किया जाए तो यह याची की रिहाई को रोकने की सुनियोजित योजना है। विधायक ने अपनी गिरफ्तारी को संविधान का उल्लंघन बताया। उनका कहना है कि गिरफ्तारी के समय न तो उन्हें कारण बताए गए और न ही यह दिखाया गया कि गिरफ्तारी आवश्यक क्यों है। अरोड़ा ने अपनी स्वास्थ्य स्थिति का भी हवाला दिया है। उन्होंने अदालत को बताया कि वे सौम्य प्रोस्टेटिक हाइपरप्लासिया (बीपीएच) से पीड़ित हैं और उन्हें नियमित चिकित्सा की आवश्यकता है। हाईकोर्ट ने पंजाब सरकार को जवाब दाखिल करने के निर्देश दिए हैं।