Municipal Corporation office Chandigarh
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मिसयूज और वायलेशन हटाने पर लोगों से अब एक शपथ पत्र मांगा जाएगा। शपथ पत्र देने के बाद ही एस्टेट ऑफिस का कोई अधिकारी यह जांचने जाएगा कि वायलेशन हटाई गई या नहीं।
एस्टेट ऑफिस ने यह फैसला वायलेशन हटाने के झूठे मामले सामने आने के बाद लिया है। शपथ पत्र झूठा निकलने पर प्रापर्टी मालिक पर उचित कार्रवाई भी होगी। फिलहाल कहीं किसी घर या अन्य प्रापर्टी में मिसयूज या किसी तरह की वायलेशन मिलने पर एस्टेट ऑफिस उसे हटाने का समय देता है। हटाने के लिए नोटिस भी दिया जाता है। नोटिस में दी गई समय सीमा के बाद भी वायलेशन नहीं हटाने पर इन्फोर्समेंट विंग खुद उसे हटाती है।
एस्टेट ऑफिस की बिल्डिंग ब्रांच के एक अधिकारी ने बताया कि बहुत से मामलों में लोग बिना मिसयूज और वायलेशन हटाए ही एस्टेट ऑफिस को सूचना दे देते हैं। उसके बाद बिल्डिंग ब्रांच की टीम सच्चाई जांचने पहुंचती है तो स्थिति पहले जैसी मिलती है। कई बार तो इंडस्ट्रियल एरिया की यूनिट में टीम को दाखिल ही नहीं होने दिया जाता है। अब वायलेशन हटाने की झूठी जानकारी देने वाला खुद इसके लिए जिम्मेदार होगा। इसीलिए अब शपथपत्र लिया जाएगा।