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Chandigarh News: पीयू की छात्रा से बदतमीजी पड़ी महंगी, पुलिस काे अपनी गाड़ी का काटना पड़ा चालान, माफी भी मांगी

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चंडीगढ़। पंजाब यूनिवर्सिटी में शुक्रवार देर शाम चालान करने पहुंची पुलिस का खुद ही चालान कट गया। मामला गेट नंबर-3 का है। गेट के बाहर खड़े पुलिस कर्मचारी ने सीट बेल्ट नहीं पहनने पर छात्राओं की गाड़ी का चालान काटा। इसके बाद पुलिस कांस्टेबल ने लड़की का हाथ पकड़कर फोन उसका छीना और इसे लेकर दोनों में बहस हो गई। विवाद अधिक बढ़ने छात्र संगठनों के विद्यार्थी भी मौके पर पहुंचे और थाने में फोन कर पुलिस को बुलाया। मौके पर पहुंची पुलिस की गाड़ी का प्रदूषण प्रमाणपत्र जनवरी तक ही वैध था और बाइक की हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट नहीं थी। इस पर विद्यार्थियों ने हंगामा किया और पुलिस को अपनी बाइक का हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट का चालान काटना पड़ा और लड़कियों के साथ बदतमीजी के लिए माफी भी मांगनी पड़ी। पीयू में देर शाम गेट नंबर-3 से छात्र संगठन एचपीएसयू से संबंध रखने वाली चार छात्राएं साउथ परिसर में अपने संगठन की ओर से यूआईईटी ब्लॉक में आयोजित प्लांटेशन ड्राइव में जा रही थीं। गेट से बाहर निकलते ही पुलिस ने लड़कियों का सीट बेल्ट न लगाने पर चालान काट दिया। लड़कियों ने गाड़ी साइड में लगाकर माफी मांगी और कहा कि वे गेट नंबर-3 से निकलकर पीयू के ही साउथ परिसर में जा रही थीं। इसी दौरान पुलिस कर्मचारी ने एक लड़की का फोन छीनकर अपनी जेब में डाल लिया। बहस करने पर उसने लड़की का हाथ पकड़ लिया। महिला पुलिस नहीं होने के कारण विवाद बढ़ गया। मौके पर पहुंचे एचपीएसयू के छात्र नेता का मोबाइल भी पुलिस कर्मचारी ने छीनकर फेंक दिया। कर्मचारी ने कहा कि उन्हें लगा लड़का वीडियो बना रहा है। इसके बाद इनसो, एबीवीपी और एनएसयूआई के छात्र नेताओं के साथ पीयू सिक्योरिटी, वार्डन और एसोसिएट डीन भी मौके पर पहुंच गए। विद्यार्थियों ने सेक्टर-11 की पुलिस को भी मौके पर बुला लिया। घटनास्थल पर पहुंची पुलिस की गाड़ी के कागज देखने पर विद्यार्थियों ने बताया कि उसका प्रदूषण प्रमाणपत्र जनवरी तक ही वैध था। इसके अलावा बाइक की हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट नहीं थी। इस पर विद्यार्थियों ने अर्जी लिखी कि पुलिस कर्मी लड़कियों से बदतमीजी के लिए माफी मांगे और पुलिस की गाड़ी का भी चालान किया जाए। अन्यथा वे पुलिस की गाड़ी को नहीं जाने देंगे और खुद भी थाने नहीं जाएंगे। पीयू प्रशासन के बीच बचाव के बाद दोनों पक्षों में समझौता कर शिकायत वापिस ली गई और पुलिस को अपनी गाड़ी का चालान काटना पड़ा।
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