-हरियाणा प्राइवेट स्कूल संघ ने जताई आपत्ति, पोर्टल जल्द शुरू करने की उठाई मांग
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़।स्कूलों में शिक्षा का नया सत्र शुरू हो चुका है। शिक्षा विभाग की ओर से एमआईएस पोर्टल सरकारी स्कूलों के लिए तो शुरू किया जा चुका है, लेकिन अभी तक प्राइवेट स्कूलों के लिए शुरू नहीं किया गया है। इसके चलते प्राइवेट स्कूल न तो बच्चों को अगली कक्षा में ट्रांजिस्ट (अगली कक्षा प्रमोट नहीं पा रहे बच्चे) कर पा रहे हैं और न ही बच्चों की एसएलसी (स्कूल लीविंग सर्टिफिकेट) कट रही है। वहीं, पोर्टल शुरू न होने के कारण नए एडमिशन भी नहीं हो पा रहे हैं, जिससे प्राइवेट स्कूलों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। हरियाणा प्राइवेट स्कूल संघ ने इसको लेकर कड़ी आपत्ति जताई है और मांग की है कि जल्द से जल्द निजी स्कूलों के लिए पोर्टल शुरू किया जाए। संघ के प्रदेशाध्यक्ष सत्यवान कुंडू ने कहा कि अप्रैल में अब नया सेशन शुरू हो गया है। सभी स्कूलों की ओर से बोर्ड कक्षाओं को छोड़कर रिजल्ट भी घोषित किया जा चुका है। ऐसे में बच्चों को अगली कक्षा में ट्रांजिस्ट किया जाना है, लेकिन विभाग की ओर से प्राइवेट स्कूलों का एमआईएस पोर्टल शुरू न करने के कारण बच्चों का अगली कक्षा में एडमिशन नहीं किया जा रहा। इसके अलावा कई बच्चे पुराने स्कूलों से एसएलसी लेना चाहते हैं, वह भी पोर्टल बंद होने के कारण नहीं दी जा पा रही है। जबकि सरकारी स्कूलों का पोर्टल सुचारू रूप से चल रहा है। उन्होंने कहा कि प्राइवेट स्कूलों के साथ इस तरह का भेदभाव कतई बर्दाश्त नहीं किया जा सकता।
समस्या का समाधान न हुआ तो शिक्षा मंत्री को अवगत कराएंगे : कुंडू
सत्यवान कुंडू ने कहा कि प्राइवेट स्कूल विभाग के साथ पूरी तरह से तालमेल रखते हैं और जरूरत पड़ने पर विभाग की हर संभव सहायता की जा रही है। उन्होंने विभाग के उच्चाधिकारियों से आग्रह किया कि वे प्राइवेट स्कूलों के समक्ष आ रही इस परेशानी तो तुरंत दूर कराएं। उन्होंने कहा कि अगर इस दिशा में जल्द ही कोई कदम नहीं उठाया गया तो इस मामले को संघ का प्रतिनिधिमंडल विभाग के उच्चाधिकारियों व शिक्षा मंत्री क संज्ञान में लाएगा।