हिसार के मिर्चपुर में सवर्णों की दबंगई से गांव छोड़ने पर मजबूर दलित परिवारों के मामले में पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट में बुधवार को सुनवाई स्थगित हो गई।
मिर्चपुर कांड के एक पीड़ित परिवार की अपील पर सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट को मामले में पुनर्विचार करने का निर्देश दिया था। इसी मामले में स्वत: संज्ञान लेते हुए हाईकोर्ट की डिवीजन बेंच ने हरियाणा सरकार को नोटिस जारी कर जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया था, लेकिन अभी जवाब नहीं आया है।
दलितों पर अत्याचार के मामले में हाईकोर्ट ने निपटारा करते हुए उचित मुआवजे का निर्देश जारी कर दिया था। इस फैसले के खिलाफ पीड़ित जसवंत सिंह ने सुप्रीम कोर्ट में एसएलपी दाखिल की थी कि न तो दलितों की उचित सुरक्षा पर कोई निर्देश दिया गया और न ही हाईकोर्ट से पीड़ितों के पुनर्वास पर कोई निर्देश जारी हुआ। यह दो मुख्य मांगें पूरी होनी चाहिएं। सुप्रीम कोर्ट ने पिछले साल जसवंत सिंह की एसएलपी पर उसकी दलीलों को सही ठहराया था कि पुनर्वास और पीड़ितों को उचित सुरक्षा पर याचिकाकर्ता व अन्य दलित परिवारों को पूर्ण इंसाफ नहीं मिल पाया है।
सुप्रीम कोर्ट ने इन तथ्यों के साथ यह मामला हाईकोर्ट को वापस भेज दिया था और निर्देश दिया था कि पीड़ितों के पुनर्वास, पीड़ितों की सुरक्षा के मुद्दे और दोषी पाए गए व्यक्तियों के खिलाफ कार्रवाई सुनिश्चित बनाने के मुद्दे पर उचित फैसला लिया जाए।
उल्लेखनीय है कि मामूली सी बात को लेकर हिसार के मिर्चपुर गांव में जातीय हिंसा भड़क उठी थी। सवर्ण जाति के लोगों ने दलितों पर खासा कहर बरपाया था और इस स्थिति में गांव के दलित परिवार पलायन कर गए थे।