चंडीगढ़। सेक्टर-33 के टैरेस गार्डन में रविवार तड़के नाबालिग प्रेमी जोड़े का शव फंदे से लटका मिला। सैर करने पहुंचे लोगों ने सुबह 4.28 बजे गार्डन में बनी झोपड़ी में लोहे एक एंगल से कपड़े के सहारे किशोर और किशोरी को लटके देखा तो तुरंत पुलिस को सूचना दी। पीसीआर टीम और सेक्टर-34 थाना पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों को फंदे से उतारकर जीएमसीएच-32 पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने मौत की पुष्टि की। पुलिस ने अस्पताल के शवगृह में दोनों के शव रखवाकर मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस की प्राथमिक जांच में मामला आत्महत्या का बताया जा रहा है। मृत किशोर की उम्र 17 साल है और वह सेक्टर-45 स्थित बुड़ैल में रहता था जबकि मृत किशोरी सेक्टर-34 में अपनी बहन के साथ पीजी में रहती थी और साफ-सफाई का काम करती थी। दोनों मूलरूप से जिला हरदोई (उत्तर प्रदेश) के रहने वाले थे। परिजनों को घटना की सूचना दे दी गई है। पुलिस के मुताबिक, किशोर के शव का पोस्टमार्टम रविवार को ही कर दिया गया। वहीं, किशोरी के परिजनों के आने के बाद उसके शव का पोस्टमार्टम किया जाएगा।
जानकारी के मुताबिक, किशोर और किशोरी दोनों एक-दूसरे को प्रेम करते थे और शादी करना चाहते थे, लेकिन दोनों के परिजन इस रिश्ते के खिलाफ थे। वहीं, नाबालिग होने के चलते दोनों का विवाह संभव नहीं हो पा रहा था। दोनों दो बार घर से भी भाग चुके थे। पहले दोनों भागकर लुधियाना चले गए थे और कुछ समय पहले दोनों मोहाली में रहने लगे थे, मगर मकान मालिक ने कमरा खाली करवा लिया था।
लड़के के परिवार से मिली जानकारी के मुताबिक, वह पिछले चार दिनों से लापता था। पहले वह बुड़ैल में ही एक मोबाइल की दुकान पर काम करता था और पिछले कुछ समय से मोहाली में काम कर रहा था। घटनास्थल पर मिले लड़के के मोबाइल फोन से जानकारी जुटाकर पुलिस ने परिजनों को घटना की सूचना दी। इसके बाद मृतका के परिवार को सूचना दी गई।
फिलहाल सेक्टर-34 थाना पुलिस ने मामले में सीआरपीसी 174 के तहत कार्रवाई की है। वहीं, पोटस्मार्टम की रिपोर्ट आने के बाद आगामी कार्रवाई की जाएगी। लड़के के परिजनों ने पुलिस को इस घटना को लेकर कोई शक जाहिर नहीं किया है।
भावनाओं में बहकर न उठाएं कोई गलत कदम
घटना पर पीजीआई के मनोचिकित्सक डॉ. राहुल चक्रवर्ती का कहना है कि आत्महत्या किसी भी समस्या का समाधान नहीं है। इस प्रकार के विचार हमारी कमजोरी को दर्शातें हैं। युवा वर्ग चाहे तो आपसी बातचीत से हर समस्या का समाधान निकाल सकता है। जहां तक प्रेम संबंधित विषय में परिवार के विरोधी होने से जुडे़ मामले हैं तो बच्चों को अभिभावकों से खुलकर बात करनी होगी। ऐसा हर केस में नहीं होता कि माता-पिता रिश्ते के विरोध में निर्णय सुनाएं। इसके साथ ही युवाओं को यह भी बात समझनी होगी कि उनके माता-पिता द्वारा लिए गए निर्णय सभी पक्षों पर सोच विचार के परिणाम पर आधारित होते हैं। कई बार युवा भावनाओं में बहकर निर्णय ले लेते हैं। ऐसे में बैठकर सभी पक्षों पर बात करना जरूरी है।
परेशान हैं तो हमें बताइए
कोविड के बाद लोगों में बढ़ते तनाव पर काबू के लिए राष्ट्रीय मनोचिकित्सा कार्यक्रम के तहत टेली मानस हेल्पलाइन नंबर 14416 का संचालन किया जा रहा है। पीजीआई मनोचिकित्सा विभाग को इसका राष्ट्रीय समन्वयक केंद्र बनाया गया है। केंद्र के वरिष्ठ परामर्शदाता व पीजीआई के मनोचिकित्सक डॉ. राहुल चक्रवर्ती ने बताया कि युवाओं में बढ़ते तनाव के स्तर पर काबू पाना बेहद जरूरी हो गया है। डॉ. राहुल का कहना है कि तनाव में हैं और किसी को मन की पीड़ा नहीं बता पा रहे हैं तो 14416 नंबर डायल कीजिए। इस नंबर पर कॉल करने पर आपकी समस्या का समाधान करने के साथ ही आपको सही रास्ता भी बताया जाएगा।