विदेश ले जाने का झांसा देकर चार युवतियों से शादी कर लाखों रुपये ठगी और मानसिक व शारीरिक प्रताड़ना करने वाले आरोपी को चंडीगढ़ पुलिस ने गिरफ्तार किया है। आरोपी की पहचान जगजीत सिंह (38) उर्फ सोनू जीता निवासी जालंधर के रूप में हुई है। आरोपी के खिलाफ फगवाड़ा और जालंधर में भी कई केस दर्ज हैं। वह कई जेलों में सजा भी काट चुका है। आपराधिक रिकॉर्ड की वजह से आरोपी को वर्ष 2012 में यूएसए ने डिपोर्ट कर दिया था।
सात सितंबर को चंडीगढ़ की एक महिला ने आरोपी के खिलाफ शिकायत दी थी। महिला ने शिकायत में बताया कि एक मैट्रिमोनियल वेबसाइट पर वह आरोपी से मिली थी। आरोपी ने खुद को यूएसए का नागरिक बताया था। दोनों में बातचीत हुई और 3 जून 2022 को खरड़ के सनी एनक्लेव के एक पैलेस में दोनों ने शादी कर ली। शादी में करीब 20 लाख का खर्च किया और सामान भी दिया। इसके बाद आरोपी बदल गया। वह अपने माता-पिता के घर चंडीगढ़ स्थित सेक्टर-24 में रहने लगा। कुछ दिन बाद आरोपी ने वीजा लगवाने के लिए 75 लाख रुपये की मांग की। पैसे देने के बाद भी आरोपी नहीं माना। इसके बाद फिर पैसे की मांग की और धमकी दी कि पैसे नहीं देने पर वह छोड़ देगा। वह मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित करने लगा। कुछ दिन बाद पता लगा कि आरोपी की पहले भी कई शादियां हो चुकी हैं और बच्चे भी हैं। ये भी पता चला कि जगजीत सिंह के असली माता-पिता कोई और हैं, जो युवती रोका के समय मिली थी वह बिजनेस पार्टनर है।
दिल्ली-पटियाला और जालंधर में छापेमारी
पुलिस ने शनिवार को ही आरोपी पटियाला निवासी मंजीत सिंह और जालंधर निवासी परमदीप सिंह को गिरफ्तार कर लिया था। जबकि रविवार को नई दिल्ली के मोहम्मद काफी को भी गिरफ्तार कर लिया। ये मुख्य आरोपी की नई दिल्ली में एक ट्रेवल एजेंट कंपनी में को-पार्टनर है। पुलिस ने इसके पास से 13 पासपोर्ट बरामद किए हैं। पुलिस दिल्ली, पटियाला, जालंधर समेत कई जिलों में छापेमारी कर रही है। पुलिस ने आरोपी के कई फर्जी नाम से बने आधार कार्ड और पैन कार्ड भी बरामद किए हैं।
2007 में की थी पहली शादी
आरोपी ने पहली शादी 2007 में की, लेकिन 3 महीने बाद ही तलाक दे दिया। दूसरी शादी 2009 में की, जिससे एक बेटी है। तीसरी शादी पंजाब के नवांशहर में 2017 में की। चौथी शादी 2022 में की। पांचवी शादी भी 3 जून 2022 को शिकायतकर्ता से की।
आरोपी के खिलाफ यहां भी दर्ज हैं केस
आरोपी के खिलाफ फगवाड़ा में कई धाराओं में केस दर्ज है, जिसमें उसने 2 साल कपूरथला जेल में सजा काटी। जेल में मोबाइल रखने पर भी आरोपी के खिलाफ एक अन्य केस दर्ज हुआ था। सदर जालंधर में भी धोखाधड़ी का केस दर्ज है। इसमें उसने 7 महीने की सजा काटी। इसके बाद वह अमेरिका चला गया। वर्ष 2012 में अमेरिका ने आपराधिक गतिविधियों में लिप्त पाए जाने के बाद डिपोर्ट कर दिया। आरोपी जगजीत सिंह नाभा जेल में भी रहा है।