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Chandigarh News: व्हाट्सअप पर भेजा जा रहा चालान भरने का मैसेज, एपीके एप डाउनलोड करा खाते में लगाई जा रही सेंध

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चंडीगढ़। ट्राइसिटी के लोगों को ठगने के लिए अब ठगों ने नया तरीका अपना लिया है। पहले जहां ठग केवल शेयर मार्केट में इन्वेस्टमेंट या फिर अन्य तरीकों से लोगों को ठग कर उन्हें लाखों रुपये का चूना लगाते थे। वहीं, अब ठगाें ने पुलिस को ही अपना कंधा बनाकर नए तरीके से ठगना शुरू कर दिया है। ठगों द्वारा लोगों को व्हाट्सअप के जरिए चालान भरने के लिए मैसेज भेजा जा रहा है और बाद में एपीके एप डाउनलोड करवाकर उनके खाते में सेंध लगाई जा रही है। बाकायदा अभी तक हजारों लोग 500 रुपये लेकर कई-कई हजार रुपये इस एप के जरिए ठगों को ट्रांसफर कर चुके हैं। इस मामले में बाकायदा कई लोगों ने पुलिस की वेबसाइट पर ऑनलाइन शिकायत भी दर्ज करवाई है। हालांकि यह मामला साइबर क्राइम से जुड़ा है।
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जानकारी के मुताबिक ठगों द्वारा चंडीगढ़, पंचकूला और मोहाली के लोगों को पहले तो अज्ञात नंबर के जरिए व्हाट्सअप पर चालान का मैसेज भेज जा रहा है। मैसेज देखने के बाद कुछ लोगों द्वारा दिए गए नंबर पर फोन कर इस बारे में बातचीत भी की गई। ठगों ने बातचीत के दौरान बताया कि वह चंडीगढ़ ट्रैफिक पुलिस से बोल रहे हैं और उनका कुछ महीनों पहले ट्रैफिक नियम तोड़ने पर कटा चालान अभी तक नहीं भुगता गया और न ही चालान की राशि जमा करवाई गई है। बाकायदा ठगों द्वारा भेजा गया मैसेज पढ़ने के बाद लोगों को अलग-अलग नंबरों से फोन भी किया जा रहा है। लोगों को ठगों द्वारा फोन पर धमकी दी जा रही है कि अगर उन्होंने जल्द से जल्द ऑनलाइन चालान की राशि जमा नहीं करवाई तो उनकी चालान वाली गाड़ी को बाउंड कर दिया जाएगा और उनके वाहन की आरसी भी कैंसिल कर दी जाएगी।
यह हथकंडा अपना है ठगी के लिए : जिन नंबरों द्वारा लोगों को मैसेज भेजे जा रहे है और फोन किया जा रहा है, उन नंबरों के व्हाट्सअप पर ट्रैफिक पुलिस जवानों की चालान काटते हुए प्रोफाइल फोटो लगी हुई है। बाकायदा प्रोफाइल फोटो के नीचे भेजने वाले ने अपना नान आरटीओ ट्रैफिक चालान भी लिखा हुआ है ताकि लोगों को विश्वास हो सके। इसके अलावा प्रोफाइल में पुलिस की फोटो देखने और बातचीत के दौरान आरसी कैंसिल व वाहन बाउंड करने की धमकी देने के बाद लोग ऑनलाइन चालान भरने के लिए हामी भर देते हैं। ऐसे में ठगों द्वारा लोगों को उनके व्हाट्सएप पर एक एपीके फाइल भेजी जा रही है और उसे बाद में डाउनलोड करवाया जा रहा है। इस एप को डाउनलोड करवाने के बाद ठग लोगों से 500 से पांच हजार नहीं बल्कि खाते में जितनी राशि है, वह भी अपने खातों में ट्रांसफर कर रहे है। क्योंकि एप डाउनलोड करवाने के बाद उन्हें चालान की राशि जमा करवाने के लिए ओटीपी भेजा जाता है। ओटीपी बताते ही लोगों के बैंक खातों में जमा पूंजी में सेंध लग रही है।
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