चंडीगढ़। चंडीगढ़ व्यापार मंडल की सोमवार को बैठक में इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने के प्रस्ताव का स्वागत किया गया, लेकिन पार्किंग में चार्जिंग स्टेशन के प्रस्ताव का व्यापारियों ने विरोध किया। व्यापारियों ने कहा कि पार्किंग में चार्जिंग स्टेशन बनने से जगह काफी कम रह जाएगी। पहले ही मार्केटों में गाड़ियां खड़ी के लिए समस्या होती है, चार्जिंग स्टेशन बनने से समस्या और बढ़ जाएगी। 20 से अधिक मार्केटों के प्रतिनिधियों ने इस पर अपनी सहमति दी। व्यापारियों ने कहा कि कई मार्केटों में पहले से ही वेंडिंग जोन, अनधिकृत वेंडर और पब्लिक बाइक शेयरिंग के लिए बनाए गए स्टैंड की चुनौतियां हैं। इससे गाड़ियां खड़ी करने के लिए जगह नहीं बची है। संगठन के अध्यक्ष चरनजीव सिंह ने कहा कि इन स्टेशनों को पेट्रोल पंप के पास खाली पड़ी भूमि, मार्केट, ग्रीन बेल्ट के बाहर, मार्केट के बाहर, सेक्टर 42 की लेक, सामुदायिक केंद्र या कोयला डिपो के पास लगाना चाहिए। संरक्षक दिवाकर साहूंजा ने कहा कि 1980 में भारत की पहली इलेक्ट्रिक कार के आविष्कारक ने उसी समय व्यापारियों के बीच संवाद की बात कही थी। उन्होंने कहा था कि ऐसा कोई भी निर्णय लेने से पहले स्थानीय अधिकारियों को संबंधित लोगों से बात जरूर करनी चाहिए। संगठन के वरिष्ठ उपाध्यक्ष सुभाष नारंग ने कहा हम ईवी पॉलिसी के समर्थक हैं, लेकिन चार्जिंग स्टेशन की व्यवस्था गलत है।
महासचिव संजीव चड्ढा, कमलजीत सिंह पंछी, वित्त सचिव राधे लाल बजाज ने इंफ्रास्ट्रक्चर लगाने के फैसले पर पुनर्विचार करने का आह्वान किया। इस मौके पर संगठन के पूर्व संरक्षक सह अध्यक्ष अनिल वोहरा, पुरुषोत्तम महाजन, भूपिंदर नारद, बलविंदर सिंह, राजन महाजन, विनोद जोशी, हरजीत सिंह, रमेश आहूजा, संजीव ग्रोवर, मोहित सूद, मनोज बजाज, प्रवीण कुमार विशु, संजय मेहता, प्रीतपाल सोढ़ी, जगतार सिंह सहित अन्य व्यापारियों ने कहा कि इस संबंध में वह मेयर अनूप गुप्ता से भी मिलेंगे।