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शिक्षक व छात्रों के बीच मेंटरशिप तंत्र को मजबूत किया जाए: प्रो. राजकुमार

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चंडीगढ़। पंजाब विश्वविद्यालय के वीसी प्रो. राजकुमार ने सभी विभागों के अध्यक्षों, क्षेत्रीय केंद्रों के निदेशकों व समन्वयकों की ऑनलाइन बैठक की। उन्होंने कहा कि शिक्षक व छात्रों के बीच मेंटरशिप तंत्र को मजबूत किया जाना चाहिए ताकि छात्रों की समस्याओं का समाधान हो सके और उनको हर सवाल का जवाब मिल सके। छात्रों के दिमाग में कोई सवाल नहीं रहना चाहिए।
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बैठक के शुभारंभ में पीयू के पूर्व डीयूआई प्रो. शंकरजी झा के निधन पर दो मिनट का मौन रखकर शोक जताया गया। उसके बाद बैठक शुरू हुई। वीसी ने छात्रों के शैक्षणिक हित के संरक्षण और संवर्धन को सुनिश्चित करने के लिए प्रचलित संकट में पीयू संकाय के निरंतर समर्थन की सराहना की। उन्होंने कहा कि शिक्षकों ने बेहतर कार्य किया है। छात्रों को ऑनलाइन शिक्षा भी मुहैया कराई है। विद्यार्थियों के अलावा उनके माता-पिता के दिमाग में भी यदि छात्रों के भविष्य को लेकर कोई सवाल है तो उसका भी जवाब दिया जाए ताकि उनमें कोई घबराहट आदि न हो। उन्होंने कहा कि अनुसंधान और नवाचार टैग शब्द हैं इसलिए अनुसंधान विद्वानों के लिए विशेष वेबिनार आयोजित करने का आह्वान किया। उन्होंने छात्रों के लिए ऑनलाइन प्रशिक्षण/इंटर्नशिप कार्यक्रमों के आयोजन की संभावना का पता लगाने के लिए कहा। इसके अलावा, उन्होंने स्वस्थ और मजबूत संबंधों के लिए पंजाब विश्वविद्यालय के राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय भागीदार संस्थानों के साथ जुड़े रहने का आह्वान किया।
इससे पहले डीयूआई प्रो. आरके सिंगला ने सभी के एजेंडे का स्वागत करते हुए परीक्षा, प्रवेश प्रक्रिया और कक्षाओं की छुट्टियों के बारे में बताया। उन्होंने बताया कि सभी अध्यक्षों से केवल आधिकारिक ईमेल आईडी के माध्यम से संदेश भेजने को कहा। सभी अध्यक्षों को मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) तैयार करने के लिए कहा। उन्हें सभी आधिकारिक मेलों के तुरंत उत्तर देने और फोन पर हर समय उपलब्ध रहने की सलाह दी। रिसर्च लैब्स खोलने के मुद्दे के बारे में यह चर्चा की गई कि चेयरपर्सन सामाजिक दूरी बनाए रखने के लिए नियोजित तरीके से लैब खोलने के लिए संकाय के साथ बातचीत करें।
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डीन रिसर्च के प्रो. वीआर आर सिन्हा ने बताया कि लगभग 12 अनुसंधान परियोजनाओं को संबंधित अधिकारियों को भेज दिया गया है। उन्होंने चेयरपर्सन से अनुरोध किया कि वह परियोजनाओं को समय पर प्रस्तुत करना सुनिश्चित करें। उन्होंने आगे रिसर्च लैब्स की शुरुआत सुनिश्चित की है। बैठक में प्रो. परविंदर सिंह परीक्षा नियंत्रक, प्रो. संजय कौशिक, डीन कॉलेज विकास परिषद आदि रहे।
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