चंडीगढ़। प्राचीन कला केंद्र में बुधवार को महफिल-ए-गजल से सजी सुरमई शाम का आयोजन किया गया। आईसीसीआर और प्राचीन कला केंद्र के संयुक्त तत्वाधान से आयोजित इस कार्यक्रम में जम्मू से आए युवा एवं प्रतिभाशाली गजल गायक धर्मेश नरगोत्रा ने खूबसूरत और दिल को छू लेने वाली गजलें सुनाकर दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।
उन्होंने कार्यक्रम की शुरुआत अब के यूं दिल को सजा दी हमने से.. कर एक यादगारी समा बांध दिया। इसके बाद एक परवाज दिखाई दी है तेरी आवाज सुनाई दी है और कभी-कभी मैंने उन्हें पूछा नहीं.. पेश कर खूब तालियां बटोरीं। उन्होंने प्यासा अंजुमन की गजल इतनी हंसी शबाब खुदा खैर करे.. शीशे में है शराब खुदा खैर करे.. पेश कर खूब प्रशंसा बटोरी। कार्यक्रम का समापन उन्होंने हसरत जयपुरी की गजल ऐ सनम तुमसे मैं जब दूर चला जाऊंगा से किया.. जिसे दर्शकों ने खूब सराहा। उनके साथ तबले पर राहुल भारद्वाज, गिटार पर विकास नागर और कीबोर्ड पर चंदन कुमार ने बखूबी संगत की।
बता दें ग्वालियर घराने से संबंधित धर्मेश ने प्राचीन कला केंद्र से भास्कर की डिग्री हासिल की है। धर्मेश ऑल इंडिया रेडियो एवं दूरदर्शन के ‘ए’ ग्रेड कलाकार होने के साथ आईसीसीआर के इम्पैनेलड कलाकार भी हैं। इन्होंने देश के विभिन्न भागों में खूबसूरत प्रस्तुतियां देकर खूब प्रशंसा हासिल की है। इस मौके पर केंद्र की रजिस्ट्रार डॉ. शोभा कौसर के साथ सचिव सजल कौसर एवं आईसीसीआर की निदेशिका नलिनी सिंघल मौजूद रहीं। इस कार्यक्रम अंत में नलिनी सिंघल एवं डॉ. शोभा कौसर सचिव सजल कौसर ने कलाकारों को सम्मानित किया।