देश में 200 करोड़ रुपये की लागत से 42 मेगाफूड पार्क स्थापित किए जाएंगे। इनमें पांच तैयार हो चुके हैं, जिसमें फाजिल्का में बनाया गया फूड पार्क भी शामिल है जबकि लुधियाना और कपूरथला में कार्य जारी है।
यह अगले दो वर्षों में पूरा कर लिया जाएगा। इसकी जानकारी केंद्रीय खाद्य प्रसंस्करण मंत्री हरसिमरत कौर बादल ने डेराबस्सी के समीप गांव बेहड़ा में एलएम थापर स्कूल ऑफ मैनेजमेंट थापर विश्वविद्यालय डेराबस्सी कैंपस में सेंटर फॉर लर्निंग रिसोर्स डेवलपमेंट का उद्घाटन करने के बाद पंजाब में खाद्य प्रसंस्करण उद्योग को बढ़ावा देने के विषय पर आयोजित गोष्ठी को संबोधित करते हुए दी। उन्होंने मुख्य संसदीय सचिव व हलका विधायक एनके शर्मा की मांग पर लालड़ू में भी मेगा फूड पार्क स्थापित करने के लिए अपनी सहमति दे दी।
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि मेगा फूड पार्कों में जहां उत्पादन, प्रोसेसिंग प्लांट, कोल्ड स्टोर, कलेक्शन सेंटर, परिवहन आदि की व्यवस्था होगी, वहीं फूड पार्क स्थापित होने वाले क्षेत्र में किसानों को उनके उत्पादन के वाजिब मूल्य मिलेंगे। देश में अनाज की बर्बादी को केवल खाद्य प्रसंस्करण से ही समाप्त किया जा सकता है।
उन्होंने कहा कि हमारी रिवायती फसलें गेहूं और धान अब लाभप्रद नही रहीं। किसानों को बाहर आने की जरूरत है। पंजाब के किसानों को अब रिवायती फसलों की बजाय लाभप्रद फसलें फल, फूल, सब्जियां आदि की काश्त करनी चाहिए इससे उनकी आय में बढ़ोतरी होगी।
सेमिनार को संबोधित करते हुए पंजाब स्टेट फार्मज आयोग के चेयरमैन और पंजाब कृषि विश्वविद्यालय के पूर्व वाइस चांसलर डॉ. जी एस कालकट ने भूजल की घट रही सतह पर चिंता जाहिर करते राज्य के किसानों को फल, फूल और सब्जियों की काश्त करने की आवश्यकता पर बल दिया।
इस मौके नगर परिषद डेराबस्सी के प्रधान भूपिंदर सैणी व जीरकपुर के प्रधान कुलविंदर सिंह सोही सहित अन्य अधिकारी भी मौजूद थे।