प्रशासक की सलाहकार समिति की वीरवार को होने वाली बैठक में यूटी के मास्टर प्लान के ड्राफ्ट पर चर्चा होगी। सलाहकार समिति की मंजूरी के बाद प्रशासन इसे केंद्र सरकार के पास मंजूरी के लिए भेजेगा और इसके बाद इसकी अधिसूचना जारी हो जाएगी।
मास्टर प्लान में शहर की अगले 20 साल की जरूरतों को ध्यान में रखकर खाका तैयार किया गया है। मास्टर प्लान में शहर में बढ़ते ट्रैफिक को कम करने के लिए बाईपास और अंडर पास बनाने का सुझाव है। इसके लिए पंजाब और हरियाणा सरकार से सहयोग की जरूरत पड़ेगी।
ईस्टर्न और वेस्टर्न बाईपास बनाने की तैयारी है। वेस्टर्न बाईपास मुल्लांपुर जंक्शन के पास और ईस्टर्न बाईपास रेलवे स्टेशन की तरफ बनेगा। शहर में अंडरपास भी बनेंगे। ओवरब्रिज का सुझाव नकार दिया गया है।
मकानों की जगह फ्लैट और कॉमर्शियल बेल्ट
चंडीगढ़ में फेज दो में बने सेक्टर (सेक्टर-31 से 47) में बची खाली जगह में मकानों की जगह मल्टी स्टोरी फ्लैट्स नजर आएंगे। फेज-3 में बने सेक्टरों में पहले से ही ग्रुप हाउसिंग सोसाइटियां हैं।
ऐसे में शहर के कई सेक्टरों की नए सिरे से प्लानिंग पर विचार होगा। मास्टर प्लान में शहर में नई कामर्शियल बेल्ट बनाने का उल्लेख है। विकास मार्ग पर सेक्टर-48 से 56 में यह बेल्ट बनेगी। सेक्टर61 और 63 में भी शॉपिंग सेंटर बनेगा। सेक्टर-56 में माडर्न टर्मिनल मार्केट और सेक्टर-39 में ग्रेन, फ्रूट और वेजीटेबल मार्केट का प्रस्ताव है।
इंडस्ट्रियल पॉलिसी तैयार की जा रही है। मास्टर प्लान में इंडस्ट्रियल एरिया फेज तीन के शुरू करने का भी उल्लेख किया गया है। इंडस्ट्रियल एरिया फेज व को दो से जोड़ने के लिए अंडरपास बनाने की भी सिफारिश की गई है।
शिक्षा और स्वास्थ्य क्षेत्र में सुधार
यूटी में अगले 20 वर्ष में शिक्षा के ढांचे को मजबूत किया जाएगा। पंजाब यूनिवर्सिटी के विस्तार के लिए सेक्टर-50 से 54 में अलग अलग टुकड़ों में जमीन दी जाएगी। मनीमाजरा में एक नया कालेज खुलेगा जिससे कालेजों की संख्या 13 हो जाएगी।
सात सरकारी स्कूल भी खोलने का प्रस्ताव है। मास्टर प्लान में पीजीआई के अपग्रेडेशन, नया अस्पताल और नई डिस्पेंसरी बनाने की भी सिफारिश है। दक्षिणी सेक्टर में एक बड़ा अस्पताल कई नई डिस्पेंसरी बनेंगी। नई आयुर्वेदिक और होम्योपैथिक डिस्पेंसरी भी खुलेगी।
रीजनल ट्रामा सेंटर को पूरा किया जाएगा। शहर के हर सेक्टर में कम्युनिटी सेंटर बनाया जाएगा। मास्टर प्लान में इसकी सिफारिश की गई है और बोर्ड ऑफ इंक्वायरी ने भी अपनी रिपोर्ट में हर सेक्टर में कम्युनिटी सेंटर बनाने की बात कही है। इसके लिए साइट का चयन करने को कहा गया है।
पार्किंग और पब्लिक ट्रांसपोर्ट
मास्टर प्लान में पार्किंग की दिक्कत को दूर करने के लिए रिहायशी इलाकों और मुख्य बाजारों में मल्टीलैवल पार्किंग बनाने की सिफारिश की गई है। कई जगह अंडरग्रांउड पार्किंग बनाने का भी सुझाव है।
मास्टर प्लान के ड्राफ्ट में मेट्रो के दो प्रस्तावित रूटों का उल्लेख है। साथ ही शहर में बसों की संख्या बढ़ाने की बात भी कही गई है। यूटी के मास्टर प्लान के ड्राफ्ट में कुछ गल्तियां भी हैं।
मास्टर प्लान के ड्राफ्ट में आईटी पार्क में जिस जगह मल्टीलैवल पार्किंग का उल्लेख किया गया है वह जगह प्राइडएशिया प्रोजेक्ट में है। बोर्ड ऑफ इंक्वायरी ने मास्टर प्लान में इसे ठीक करने को कहा है। इसके साथ ही मास्टर प्लान में ग्रामर की भी कई गल्तियां हैं। इसे भी ठीक किया जा रहा है।
बढ़ेंगे सरकारी कार्यालय
यूटी के मास्टर प्लान में चंडीगढ़ में खाली पड़ी जमीन को सरकारी कार्यालयों को देने की बात कही गई है। यूटी सचिवालय और हाउसिंग बोर्ड की भी नई बिल्डिंग बननी है। पंजाब और हरियाणा को भी सरकारी कार्यालयों के लिए जगह चाहिए।