समिति मंगलवार और बुधवार को पंजाब के बाकी नेताओं से भी बातचीत करेगी। पंजाब के मसले पर समिति को फैसला लेने का कोई अधिकार नहीं दिया है। समिति तीन दिन तक पंजाब के कांग्रेस नेताओं से उनके विचार सुनने के बाद अपनी रिपोर्ट पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष को सौंपेगी। इसके बाद हाईकमान अंतिम फैसला लेगा।
कई नेताओं के सुर भी बदले नजर आए, कहा- कोई अंतर्कलह नहीं
केबिनेट मंत्री साधू सिंह धर्मसोत ने कहा कि पार्टी में किसी तरह की कोई नाराजगी नहीं है। हाईकमान के बुलावे पर जरूर जाएंगे। समिति के सामने कैबिनेट मंत्री सुखजिंदर सिंह रंधावा का लहजा बदला हुआ दिखाई दिया। उन्होंने कहा कि पंजाब कांग्रेस में कोई धड़ेबंदी नहीं है और पार्टी पूरी तरह एकजुट है।
कैबिनेट मंत्री ब्रह्म मोहिंदरा ने भी कहा कि मामूली मनमुटाव है, जो दूर हो जाएंगे। विधायक गुरकीरत सिंह कोटली ने कहा कि आपस में वैचारिक मतभेद चलते रहते हैं, कोई बड़ी बात नहीं है। विधायक राजकुमार चब्बेवाल ने कहा कि पार्टी के जो भी इतर मसले हैं, हाईकमान उसे भी जल्द हल करेगी।
विधायक गुरकीरत सिंह कोटली ने कहा कि कांग्रेस पार्टी पूरी तरह एकजुट हैं। विधायक राजकुमार वेरका ने कहा कि जिस तरह की बयानबाजी हो रही है, उसी मसले को हल करने के लिए मीटिंग बुलाई गई है। उन्होंने कहा कि हाईकमान के फैसले से कोई बाहर नहीं जाएगा।