नगर निगम की शुक्रवार को हुई बैठक में लावारिस कुत्तों के मुद्दे पर खूब चर्चा हुई। दो घंटे से ज्यादा देर तक सिर्फ कुत्तों पर ही बहस होती रही।
इसमें काफी देर तक कमिश्नर से लेकर पार्षद तक सभी नियमों को ही खंगालते रहे। इस लंबी बहस के बाद भी निगम हाउस किसी खास नतीजे पर नहीं पहुंचा।
बैठक के दौरान कई पार्षदों ने कुत्तों की समस्या पर अपने-अपने सुझाव भी दिए। आखिर में कमिश्नर ने कहा कि अफसरों की टीम स्टडी करने के लिए नासिक जाएगी।
वहां पर करीब 40 हजार कुत्ते हैं और उस शहर में इस समस्या पर बहुत अच्छा काम हो रहा है। कमिश्नर ने कहा कि हमारी टीम वहां स्टडी करेगी और यदि उन्हें काम अच्छा लगा तो यहां भी उनकी नीतियों को अपनाया जाएगा। इसके लिए अन्य एनजीओ की भी मदद ली जाएगी।
बैठक के दौरान भाजपा-अकाली पार्षद दल की ओर टेबल एजेंडा लाया गया। एजेंडे में चार नई डिस्पेंसरियां खोलने और कुत्तों के काटने पर फ्री इलाज करने का प्रस्ताव शामिल था।
इस पर कमिश्नर ने कहा कि डिस्पेंसरियां तो नहीं खोली जा सकेंगी, लेकिन जो डिस्पेंसरी पहले से चल रही है उसमें स्ट्रेंथ बढ़ाई जाएगी। कमिश्नर ने भाजपा के फ्री इलाज के प्रस्ताव पर सहमति नहीं जताई।
कमिश्नर ने कहा कि पूरा इलाज तो फ्री नहीं किया जा सकता। अभी 100 रुपये में वैक्सीनेशन की जा रही है और सिरम भी 50 रुपये में मिलेगी जिसका एजेंडा एफएंडसीसी में पास कर दिया गया है।