चंडीगढ़ नगर निगम की बैठक वर्चुअल तौर पर हुई।
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चंडीगढ़ नगर निगम सदन की बैठक सोमवार को हंगामे के साथ शुरू हुई। बैठक की शुरुआत में ही पानी के बिलों को कम करने को लेकर भाजपा-कांग्रेस में होड़ मच गई। कांग्रेस ने कहा कि हम पानी के बिलों के विरोध में थे, इसलिए पुराने रेट रखे गए हैं। वहीं भाजपा ने कहा कि हमने अपने वादे को पूरा किया।
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष अरुण सूद ने कहा कि कांग्रेस के नेता अपने ही बयानों में उलझे हैं। कोई इसे राजनीतिक स्टैंड कह रहा है, तो कोई इसे अपनी जीत बता रहा है। सदन की बैठक में इस बार वाहनों पर विज्ञापन की पॉलिसी की नियम व शर्तों, कांग्रेस पार्षद सतीश कैंथ के पांच सवालों, लोकल गवर्नमेंट की ओर से किए गए निर्देशों की जानकारी देने, मशीनें खरीदने की अनुमति, आउटसोर्सिंग पर कर्मचारी लेने, सेक्टर 23 के जंज घर के निर्माण की अनुमति, तीनों रोड डिवीजन में साइन बोर्ड लगाने की अनुमति, सेक्टर 29 स्थित मैंगो गार्डन में पाइप लाइन डालने, सेक्टर 25 स्थित कचरा निस्तारण प्लांट के अपग्रेडेशन, दक्षिण सेक्टरों में सफाई के लिए लॉयंस कंपनी का टेंडर बढ़ाने, सीएनडी वेस्ट प्लांट के प्रक्रिया को बढ़ाने का एजेंडा लाया गया है।
पानी के बिल कम करने पर आयुक्त बोले, नहीं होने चाहिए
पानी के रेट को पुराने ही रखने के मामले में निगम आयुक्त केके यादव ने स्पष्ट कहा है कि इससे निगम को वित्तीय समस्या होगी। इसलिए पानी के रेट कम नहीं होने चाहिए। इस मामले में भाजपा का कहना है कि पानी के रेट फिर से तय हों, सीवर सेस 30 से 5 प्रतिशत हो, पुराने बिल एडजस्ट हों और पुरानी अधिसूचना जारी हो। इस पर आयुक्त ने अपनी आपत्ति लगा दी है। पहले भी प्रशासन ने आयुक्त की आपत्ति के बाद ही रेट को कम करने का निगम में पास किया गया प्रस्ताव लौटा दिया था।