प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को मन की बात में नूरमहल के गांव दिव्यग्राम के किसान लखविंदर सिंह का जिक्र किया। लखविंदर पिछले सात साल से जैविक खेती कर रहे हैं।
पीएम से सराहना पाकर वह बेहद उत्साहित हैं। अमर उजाला से बातचीत में लखविंदर ने कहा कि जमीन उनकी मां है। वह अपनी मां पर जहरीली दवाओं का इस्तेमाल नहीं कर सकते।
दिव्य ज्योति संस्थान से जुड़े लखविंदर बताते हैं कि खेती के दौरान एक दिन उनके मन में विचार आया कि कीटनाशक जैसी जहरीली दवाएं धरती मां को कितना दर्द देती होंगी। बस इसी दिन उनकी जिंदगी ने नया मोड़ लिया। तब से आज तक उन्होंने कभी अपने खेतों में पेस्टीसाइड का इस्तेमाल नहीं किया।
वह सात साल से 200 एकड़ जमीन पर जैविक खेती कर रहे हैं। वह अपने खेतों में गेहूं, हल्दी, चने, मसूर, मौसमी सब्जियां और गन्ना उगाते हैं। वह गोबर, गोमूत्र, बेसन और गुड़ की खाद बनाकर पानी के जरिए खेतों में डालते हैं।
लखविंदर सिंह के पास अपनी करीब 750 देसी गाय भी हैं। उनका कहना है कि पंजाब में कैंसर की बीमारी बढ़ने का असली कारण कीटनाशक और केमिकल, इंजेक्शन लगीं सब्जियां हैं।