हरियाणा में एमबीबीएस बांड पॉलिसी को लेकर अब मेडिकल के विद्यार्थी और सरकार आमने सामने आ गए हैं। दोनों में से कोई भी पीछे हटने को तैयार नहीं हैं। मंगलवार को स्वास्थ्य विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव जी अनुपमा से हुई विद्यार्थियों की बैठक भी बेनतीजा रही।
विद्यार्थियों ने चेताया है कि अगर सरकार ने पालिसी में संशोधन नहीं किया उनका धरना चंडीगढ़ न्यू सचिवालय के बाहर की तैयारी है। जब तक मांगों को पूरा नहीं किया जाएगा, उनका आंदोलन जारी रहेगा।
मंगलवार दोपहर बाद 2 बजे एमबीबीएस विद्यार्थियों का प्रतिनिधिमंडल स्वास्थ्य विभाग की एसीएस से मिलने के लिए चंडीगढ़ सेक्टर 17 न्यू सचिवालय के बाहर पहुंचे। पहले तो एसीएस ने विद्यार्थियों से मिलने से ही इंकार कर दिया। इस पर विद्यार्थी सचिवालय के बाहर ही पालिसी के विरोध में बैनर और पोस्टर लेकर खड़े हो गए। शाम 5.30 बजे तक विद्यार्थी सचिवालय के बाहर ही जमे रहे।
विद्यार्थियों ने चेताया कि वह यहीं पर धरना लगाएंगे। हालांकि, चंडीगढ़ पुलिस ने विद्यार्थियों को चेतावनी देते हुए यहां से हटने के लिए भी कहा, लेकिन विद्यार्थी अड़े रहे। बाद में 5.30 बजे के बाद एसीएस ने विद्यार्थियों को बैठक के लिए बुलाया। अतिरिक्त मुख्य सचिव के साथ करीब 45 मिनट तक बैठक चली। बैठक में विद्यार्थी बांड पालिसी को बदलने पर अड़े रहे, जबकि एसीएस आंदोलन को समाप्त करने की अपील करती रही।
एसीएस ने आश्वासन दिाय कि वह इस मामले में मुख्यमंत्री मनोहर लाल के सामने उनकी बात रखेंगी, पालिसी को लेकर अंतिम फैसला मुख्यमंत्री ही करेंगे। उधर. विद्यार्थियों ने कहा कि, पालिसी में संशोधन के लिए डेडलाइन तय की जाए, लेकिन इसके लिए एसीएस की ओर से कोई ठोस जवाब नहीं दिया गया।
बैठक के बाद पत्रकारों से बातचीत में मेडिकल विद्यार्थियों ने बताया कि बड़े शर्म की बात है कि अधिकारी उनको मिलने तक का समय नहीं दे रहे हैं, जबकि वह यहां केवल अपनी बात रखने के लिए आए हैं। उन्होंने चेताया कि अगर सरकार ने उनकी मांगें नहीं मानी तो वह उनका आंदोलन रोहतक की बजाए चंडीगढ़ न्यू सचिवालय के सामने शुरू होगा। इस पर आगामी दो से तीन में फैसला लिया जाएगा।