मेयर चुनाव में भाजपा के सामने अब बागियों ने चुनौती खड़ी कर दी है। बागी नेता मेयर प्रत्याशी राजेश कालिया की राह में रोड़ा न बनें, इसके लिए कवायद शुरू कर दी गई है। बागियों को मनाने के लिए पार्टी ने अपने बड़े नेताओं को मैदान में उतार दिया है। पार्षद राजेश कालिया और सतीश कैंथ के बीच टिकट वितरण को लेकर हुए विवाद की वजह से कई बीजेपी पार्षद बागी उम्मीदवार के साथ खड़े हो गए हैं।
सूत्रों की मानें तो यह सब भाजपा के एक बड़े नेता के इशारे पर हो रहा है। इसकी वजह उसके समर्थित प्रत्याशी को मेयर का टिकट नही मिलना बताया जा रहा है। फिलहाल पार्टी में इस झगड़े को शांत करने के लिए भाजपा ने प्रदेश अध्यक्ष संजय टंडन और सांसद किरण खेर सहित सभी बड़े नेताओं को लगाया गया है। हालांकि ताल ठोक रहे बागी सतीश कैंथ के बारे में कहा जा रहा है कि नाम वापस लेने से पहले वह पार्टी से कोई सम्मान का सौदा कर सकते हैं।
बगावत नहीं मनमुटाव है...
पार्टी के बड़े नेताओं का कहना है कि बीते साल मेयर चुनाव में इससे बड़ी बगावत हुई थी, जिसे बाद में मिल बैठकर सुलटा लिया गया था। इस बार बगावत नहीं केवल मनमुटाव हुआ है। पार्टी इसे इसका आसानी से निस्तारण कर लेगी। इसके लिए प्रयास चल रहे हैं।
मेरे बड़े भाई हैं कैंथ
पार्टी से बगावत कर नामांकन करने वाले पार्षद सतीश कैंथ के बारे में भाजपा के मेयर प्रत्याशी राजेश कालिया का कहना है कि कैंथ हमारे बड़े भाई हैं। मेरी फोन पर बात हुई है। रात में मुलाकात भी होनी है। वह हर हाल में मान जाएंगे। हम अपनी तरफ से पूरा प्रयास कर रहे हैं।
बदनाम करने के लिए विपक्ष कर रहा राजनीति
भाजपा के मेयर उम्मीदवार राजेश कालिया का कहना है कि उनके ऊपर जो भी आरोप लगाए जा रहे हैं, वह 10 साल पहले के हैं। उन मामलों में कोर्ट ने भी उन्हें बरी कर दिया है। ऐसे में विरोधियों की मदद से केवल बदनाम किया जा रहा है। उनका कहना है कि हमारी जीत पक्की है। उनका कहना है कि उन्होंने अपने नामांकन में सही जानकारी दी है।
पार्टी में कोई बगावत नहीं : टंडन
प्रदेश अध्यक्ष संजय टंडन का कहना है कि पार्टी में कोई बगावत नहीं है। हम जीत के लिए लड़ रहे हैं। हार से बौखलाया विपक्ष हमारे कुछ पार्षदों को गुमराह कर रहा है, लेकिन हमारी पार्टी के सभी कार्यकर्ता अनुशासित हैं। आलाकमान ने जो निर्णय किया है, सब उसे ही मानेंगे। वहीं, सांसद किरण खेर का कहना है कि मेयर चुनाव में हमारे सभी उम्मीदवार जीतेंगे। पार्टी में कोई बगावत नहीं हुई है। आपस में कुछ मनमुटाव है, जिसे दूर कर लिया जाएगा।
अब मैं पीछे हटने वाला नहीं, मेरे साथ 15 पार्षद
भाजपा के बागी सतीश कैंथ का कहना है कि मेयर का चुनाव वही जीतेंगे। उन्होंने दावा किया कि भाजपा के 15 पार्षद उनके साथ हैं और उन्होंने पूरी तरह से सोच-विचार कर नामांकन भरा है। सतीश कैंथ का कहना है कि पार्टी के नेताओं को हमने अपनी राय दे दी थी। फिर भी सही फैसला नहीं किया गया, जो मुझे ठीक नहीं लगा। अब मैं पीछे हटने वाला नहीं।
कैंथ ने कहा कि राजनीति में कई बातें सार्वजनिक नहीं की जातीं। जब मैं मेयर बनूंगा तब भाजपा को पता चलेगा कि गलती कहां पर हुई है। एक जाति पर फोकस करना ठीक नहीं है। शहर में कई बिरादरी के लोग रहते हैं। कैंथ का कहना है कि जातिवाद की राजनीति को शहर के लोग और पार्षद बर्दाश्त नहीं करेंगे।
कैंथ के फैसले पर परिवार भी सहमत
पार्षद सतीश कैंथ का उनके परिवार ने भी समर्थन किया है। कैंथ के बेटे मुकुल कैंथ और पत्नी जसवंत कौर ने उनके इस कदम को सराहनीय बताया है। अमर उजाला से बातचीत में कैंथ के बेटे व सिविल इंजीनियर मुकुल कैंथ ने कहा कि उनके पिता का कदम बिल्कुल सही है। हम सभी 21वीं सदी में हैं और अभी भी जातिवाद में उलझे रहेंगे तो हम आगे कैसे बढ़ेंगे। जातिवाद की राजनीति ठीक नहीं है। वहीं, पत्नी जसवंत कौर ने भी पति के कदम का सही ठहराया है।