चंडीगढ़। मेयर राजबाला मलिक ने वीरवार को पीएम आवास योजना के तहत बनने वाले फ्लैट्स के लिए 4 पार्षदों के नाम की सूची दे दी। कमेटी में शक्ति प्रकाश देवशाली, जगतार सिंह, गुरप्रीत सिंह व महेश इंदर सिंह को शामिल किया गया है। एडिशनल कमिश्नर-2 कमेटी के चेयरमैन होंगे। वहीं निगम के चीफ इंजीनियर, सुपरिंटेंडेंट इंजीनियर बीएंडआर, रोड डिवीजन-2 के एक्सईएन, सब-डिवीजनल इंजीनियर भी कमेटी में शामिल रहेंगे। कमेटी की रिपोर्ट के आधार पर निगम फ्लैट बनवाएगा जो जरूरतमंदों को कम रेट पर दिए जाएंगे।
मेयर ने बताया कि इस योजना के लिए 2 पार्षदों के नाम सुझाने थे, लेकिन कॉलोनी व ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों की जरूरतों को देखते हुए कमेटी में चार पार्षद रखे गए हैं ताकि बेहतर रिपोर्ट मिल सके। मेयर ने कहा कि नगर निगम की ओर से गरीबों को सस्ती दर पर किराये पर मकान देने की योजना को सदन की बैठक में हरी झंडी मिल गई थी। योजना के तहत निगम को ग्राम पंचायत की भूमि पर फ्लैट बनाने के लिए प्रशासन को अपना प्रोजेक्ट व एस्टीमेट बनाकर देना है। जहां से प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत फ्लैट बनाने के लिए केंद्र को प्रस्ताव भेजा जाएगा। कमिश्नर केके यादव ने बताया कि पिछले साल निगम में 13 गांव शामिल हुए थे। इन गांवों में ग्राम पंचायत की काफी भूमि खाली पड़ी है। मलोया, किशनगढ़ में भी काफी भूमि खाली पड़ी है, जिसे प्रयोग में लाया जा सकता है। प्रधानमंत्री आवास योजना की तहत दो प्रक्रियाएं हैं। एक जहां मकान बने हों, वहां पर सीधे किराये पर दे दिए जाएं। इसके लिए हाउसिंग बोर्ड 2500 मकान लोगों को उपलब्ध करा रहा है। वहीं दूसरा खाली भूमि पर फ्लैट बनाकर गरीबों, मजदूरों या जरूरतमंदों को दिए जाएं। इसके लिए निगम प्रस्ताव तैयार करेगा। यह प्रोजेक्ट पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप (पीपीपी) के तहत तैयार होगा। इसमें कंपनी के साथ 25 साल का अनुबंध किया जाएगा। एक कमरे वाले फ्लैट में बेडरूम के लिए 30 वर्ग मीटर व 2 कमरे वाले फ्लैट में बेडरूम के लिए 60 वर्ग मीटर जगह होगी। कमिश्नर ने कहा कि आर्थिक रूप से कमजोर, सरकारी मानक के अनुसार कम वेतन पाने वाले, मजदूर, प्रवासी मजदूर, शिक्षा से जुड़े व्यक्ति, स्वास्थ्य से जुड़े व्यक्ति, लंबे समय तक चंडीगढ़ में घूमने आने वाले व्यक्ति और छात्र मकान को किराये पर ले सकते हैं।