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Chandigarh News: पुलिस लाइन की एक ही बाइक के सबसे ज्यादा 411 चालान, आरएलए खुद भी हैरान

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चंडीगढ़। शहर में ट्रैफिक नियम तोड़ने के बाद चालान न भरने वालों की अनदेखी भारी पड़ने वाली है। क्योंकि केवल एक ही बाइक के काटे गए 411 चालानों का रिकॉर्ड बन गया है। यह बाइक सेक्टर-26 के पुलिस लाइन की बताई जा रही है। इतने ज्यादा चालान होने पर सेक्टर-17 के आरएलए ने बाइक नंबर की सभी तरह की सर्विस बंद कर दी है। आरएलए ने रिकॉर्ड खंगाले तो पता चला है कि 1.41 लाख वाहनों पर 10.80 लाख चालान पेंडिंग हैं। कई ऐसी गाड़ियां हैं, जिन पर 200-300 चालान हैं। ऐसे 43,216 चालकों को नोटिस जारी कर डीएल और आरसी सस्पेंड करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
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शहर में ट्रैफिक नियमों को तोड़ने वाले लोगों के कैमरे से लगातार चालान कट रहे हैं लेकिन लोग उसे गंभीरता से नहीं ले रहे और चालान का भुगतान नहीं कर रहे हैं। इसे देखते प्रशासन ने नया आदेश जारी किया है कि यदि किसी वाहन मालिक के नाम पर 5 या उससे अधिक चालान बकाया है तो उनका ड्राइविंग लाइसेंस रद्द कर दिया जाएगा और वाहन का रजिस्ट्रेशन प्रमाण पत्र (आरसी) निलंबित कर दिया जाएगा। इसके बाद अब रजिस्टरिंग एंड लाइसेंसिंग अथॉरिटी (आरएलए) ने ऐसे 1.41 लाख वाहनों की सूची बनाई है, जिन पर 10.80 लाख चालान दर्ज हैं और इन लोगों ने चालान का भुगतान नहीं किया है। इसमें सबसे ज्यादा एक बाइक पर ही 411 चालान हैं। ये पूरे शहर में एक गाड़ी पर सबसे ज्यादा चालान हैं। हैरानी की बात यह भी है कि यह बाइक सेक्टर-26 के पुलिस लाइन के पते पर रजिस्टर्ड हैं। आरएलए ने तत्काल प्रभाव से इस बाइक के आरएलए से जुड़ी किसी भी सेवा पर रोक लगा दी है और गाड़ी की आरसी रद्द करने के लिए नोटिस भेजा है। आरएलए के पास ऐसी कई गाड़ियों की सूची है, जिन पर 200 से 300 चालान हुए हैं।

बाहर की गाड़ी है तब भी होगी कार्रवाई
चंडीगढ़ में पंजाब, हरियाणा के साथ हिमाचल व अन्य जगह से भी गाड़ियां रोजाना आती और जाती हैं। ऐसे में बहुत सारे चालान पड़ोसी राज्यों के वाहनों के हैं। आरएलए ने इस बार ऐसी व्यवस्था की है कि उन पर भी कार्रवाई हो सकेगी। इसके लिए मोटर व्हीकल एक्ट का हवाला देकर दिल्ली स्थित वाहन पंजीकरण के नेशनल पोर्टल से ही उन वाहनों की सेवाओं को बंद कर दिया गया है। इससे वे किसी भी राज्य के हों, अपने वाहन से जुड़े किसी भी कार्य को नहीं करा पाएंगे। वे अपने राज्य में आरटीओ में जब भी जाएंगे, पहले उन्हें चालान की राशि जमा कराने को कहा जाएगा। आरएलए के अनुसार उन्हीं के लाइसेंस व आरसी रद्द होगी, जिन्होंने चालान होने के 90 दिन के बाद भी भुगतान नहीं किया है। हालांकि, पहले वाहन मालिक को 15 दिनों का समय मिलेगा ताकि वह चालान की राशि जमा कर सकें। जिन वाहन चालकों के पास पांच या अधिक चालान लंबित हैं, उन्हें 15 दिनों के भीतर भुगतान करने का नोटिस भेजा जाएगा।
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चालान की संख्या इतनी कि सीटीयू से बुलाने पड़े 12 कर्मी
आरएलए ने जब रिकॉर्ड खंगाला तो चालान नहीं जमा करने वालों की संख्या काफी ज्यादा निकली। ऐसे में अब तक 43,216 नोटिस प्रिंट किया जा चुके हैं और उन्हें लिफाफे में डालकर भेजा जा रहा है। जो पते बदल गए हैं, उन्हें अन्य माध्यमों से नोटिस भेजने की तैयारी की जा रही है। नोटिस इतने ज्यादा हैं कि आरएलए ने सीटीयू की सहायता मांगी है और बुधवार को 12 कर्मचारी बुलाए हैं, ताकि नोटिसों को लिफाफे में भरकर जल्द से जल्द उल्लंघनकर्ताओं के पते पर भेजा जा सके। 15 दिनों के अंदर अगर किसी को कोई आपत्ति होगी तो वह आरएलए से संपर्क कर सकता है अन्यथा उनके डीएल और आरसी को रद्द करने की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी।
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