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Chandigarh News: दिल्ली में ठाठ से नौकरी कर रहा मास्टरमाइंड सोमवीर, पुलिस नहीं कर सकी गिरफ्तार

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एएसआई परीक्षा में पकड़े गए सतीश ने उगला था फायरमैन भर्ती घोटाले के मास्टरमाइंड का नाम
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आईजी पुष्पेंद्र कुमार ने जांच तेजी से पूरी करने के दिए निर्देश

संदीप खत्री/संवाद
चंडीगढ़। फायरमैन भर्ती घोटाले का मास्टरमाइंड सोमवीर इस समय दिल्ली के बड़े सरकारी विभाग में नौकरी कर रहा है। वर्ष 2023 में एएसआई भर्ती परीक्षा के दौरान पकड़े सोनीपत के गांव बजाना निवासी सतीश ने फायरमैन भर्ती घोटाले के मास्टरमाइंड के रूप में सोमवीर का नाम बताया था। इस खुलासे के बाद भी पुलिस अब तक सोमवीर को गिरफ्तार नहीं कर सकी है। पुलिस ने अदालत में दायर चार्जशीट में भी सोमवीर का नाम शामिल किया था लेकिन ढाई साल बाद भी गिरफ्तारी नहीं हुई। इस मामले की जांच लंबे समय से फाइलों में दबी हुई थी। अमर उजाला ने लगातार इस मामले में खबरें प्रकाशित कीं। जिसके बाद आईजी पुष्पेंद्र कुमार ने जांच तेजी से पूरी करने के निर्देश दिए।
साल 2023 में चंडीगढ़ में एएसआई भर्ती परीक्षा के दौरान चार फर्जी उम्मीदवार पकड़े गए थे। सोनीपत निवासी सतीश को असली उम्मीदवार की जगह परीक्षा देते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया गया था। पूछताछ में सतीश ने कबूल किया कि उसने सोमवीर के साथ मिलकर दमकल विभाग में 10-10 लाख रुपये लेकर फर्जी भर्तियां करवाई थीं।
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तीनों आरोपियों ने लिया था सोमवीर और सतीश का नाम

सतीश के खुलासे के बाद जांच अधिकारी एसआई यशपाल कुंडू ने पंजाब यूनिवर्सिटी से रिकॉर्ड लिया और सीसीटीवी फुटेज चेक की। कैमरे में दीपक, बृजेंद्र और नवीन की जगह फर्जी उम्मीदवार परीक्षा देते नजर आए। जांच के बाद दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया। जबकि नवीन भाग गया था। बाद में नवीन ने अदालत में सरेंडर किया। जिसके बाद पुलिस ने उसकी गिरफ्तारी की। तीनों डेढ़ साल से फायरमैन के पद पर कार्यरत थे। सूत्रों के अनुसार इन तीनों ने पूछताछ में सोमवीर और सतीश का नाम दोहराया था। सतीश एएसआई परीक्षा में फर्जीवाड़ा करने के आरोप में जेल से जमानत पर बाहर आने के बाद चंडीगढ़ जिला अदालत में पेशी पर आता रहा लेकिन पुलिस ने दोबारा उसे गिरफ्तार नहीं किया। बताया गया है कि सोमवीर वर्तमान में दिल्ली में बड़े विभाग में कार्यरत है और इससे पहले बैंक में नौकरी करता था। वहीं सतीश भी 2015 में सोनीपत में यूजीसी नेट परीक्षा में दूसरे की जगह परीक्षा देते पकड़ा गया था।

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सोमवीर ने अपने रिश्तेदार को भी लगवाया फायरमैन

पुलिस सूत्रों के अनुसार सतीश ने खुलासा किया था कि उसने अपने भांजे की लिखित परीक्षा देकर हरियाणा पुलिस में भर्ती करवाई थी जबकि सोमवीर ने अपने जीजा को चंडीगढ़ दमकल विभाग में फायरमैन भर्ती करवाया। दोनों उम्मीदवारों की परीक्षा किसी और ने दी थी। सूत्र बताते हैं कि फायरमैन भर्ती में कई पुलिसकर्मियों के रिश्तेदार और परिजन भी शामिल हैं। यदि जांच गहराई से हुई तो कई पुलिसकर्मी भी फंस सकते हैं। सेक्टर-43 बस स्टैंड चौकी प्रभारी एसआई आशा देवी ने अदालत में नमूने देने नहीं पहुंचे सात फायरमैन कर्मियों को नोटिस भेजने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
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एएसआई की परीक्षा में पकड़े गए थे चार आरोपी

एएसआई के 44 पदों पर हुई भर्ती की लिखित परीक्षा में 4 फर्जी उम्मीदवार पकड़े गए थे। सहारनपुर (उत्तर प्रदेश) के गांव फतेहपुर निवासी आनंद की जगह दिल्ली निवासी अमित कुमार परीक्षा देने आया था। इसी तरह सोनीपत के 24 वर्षीय सतीश को भी पकड़ा गया था जो आशीष नामक वास्तविक उम्मीदवार की जगह पेपर देने पहुंचा था।
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