स्वास्थ्य और खेल मंत्री अनिल विज इन दिनों अपने बड़बोले और तल्ख बयानों को लेकर सुर्खियों में चल रहे हैं। अब संस्कृत को पढ़ाने की वकालत करने के लिए खेल मंत्री ने फिर से एक अनोखा बयान दिया है। उनके इस बयान से हिंदू रीति-रिवाज के साथ होने वाली शादियों पर ही एक सवाल खड़ा हो गया है।
लेकिन मंत्री विज का कहना है कि उनके बयान को सकारात्मक रूप में लिया जाए, इसे हिंदू संस्कृति का विरोधी न समझा जाए। उन्होंने ट्वीट भी किया है।
क्योंकि जो बात वह कहना चाहते हैं, उस पर मानव संसाधन मंत्रालय इस पर गौर जरूर करे और संस्कृत को सभी पाठ्यक्रमों में अनिवार्य विषय के रूप में शामिल कराए। विज के मीडिया प्रभारी बलकेश वत्स के अनुसार मंत्री का बयान संस्कृत भाषा की वकालत करने वाला है।