हॉकी प्लेयर सरदार सिंह के खिलाफ मारपीट का एक मामला चल रहा है, लेकिन जांच में उनके खिलाफ कोई सबूत नहीं मिले। अब पुलिस चालान पेश करेगी, जानिए क्या है मामला।
16 दिसंबर 2018 को सेक्टर-35 के मकान नंबर 106 के समीप सरदार सिंह के भाई दीदार सिंह की इनोवा कार की सियाज कार से टक्कर हो गई थी। मामले में भारतीय टीम के पूर्व कप्तान सरदार सिंह पर मारपीट के आरोप लगे हैं। जांच यूटी पुलिस पूरी कर चुकी है। आरोपी सरदार सिंह और उनके भाई को जांच में शामिल करवाने के अलावा उनके बयान रिकॉर्ड किए जा चुके हैं। अब जल्द ही चालान कोर्ट में पेश करने की तैयारी में है।
शिकायतकर्ता पीरमुछल्ला स्थित एसबीआई के मैनेजर एवं सेक्टर-37 निवासी सचिन शर्मा ने सरदार सिंह, दीदार सिंह व एक अन्य युवक पर मारपीट के आरोप लगाए थे, लेकिन सेक्टर-36 थाना पुलिस ने दीदार सिंह और सचिन पर क्रॉस केस दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार करके जमानत पर छोड़ा था। फिर सचिन ने पुलिस पर सरदार सिंह व अन्य युवक पर कार्रवाई नहीं करने और उनकी कार नंबर सीएच01 एवाई-5400 को भी कब्जे में नहीं लेने के आरोप लगाए थे।
इस संबंध में सचिन शर्मा ने डीजीपी यूटी और पंजाब के गवर्नर एवं यूटी के प्रशासक वीपी सिंह बदनौर को ई-मेल कर इंसाफ की गुहार लगाई थी। उन्होंने कहा कि उनके पास मौके की कुछ तस्वीरें हैं जिनमें सरदार सिंह व अन्य दिखाई दे रहे हैं। सचिन ने बताया कि इंक्वायरी में पुलिस अधिकारियों ने उनसे पूछा कि वह कैसे साबित करेंगे कि सरदार सिंह ने उनसे मारपीट की। उनसे पूछा कि क्या उनके पास मारपीट की कोई वीडियो या फोटोग्राफ है।