चंडीगढ़। प्रशासन की बिजली विभाग का निजीकरण करने की योजना के खिलाफ शुक्रवार को 26वें दिन भी चंडीगढ़ के लोगों का रोष प्रदर्शन जारी रहा। इसके तहत सेक्टर-30 के लोगों ने प्रशासन के खिलाफ विरोध प्रदर्शन कर पैदल मार्च निकाला। इसमें बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए। यह मार्च सेक्टर-30बी के सामुदायिक केंद्र से शुरू होकर रिहाइशी इलाकों से होते हुए 30-डी और 30-सी के बाजार से गुजरा और वापस सामुदायिक केंद्र में समाप्त हुआ।
इस मार्च का नेतृत्व नौजवान किसान एकता चंडीगढ़ के अध्यक्ष किरपाल सिंह, पार्षद तरुण मेहता, कांग्रेस प्रदेश महासचिव यादविंदर मेहता ने किया। इस मौके पर किरपाल सिंह ने कहा कि हम सभी लोकतांत्रिक तरीके से संघर्ष कर रहे हैं। बिजली विभाग का निजीकरण सही नहीं है और किसी भी कीमत पर बिजली विभाग का निजीकरण नहीं होने देंगे। पार्षद तरुण मेहता ने कहा कि चंडीगढ़ प्रशासन को शहरवासियों के इस संघर्ष को हल्के में नहीं लेना चाहिए। इससे पहले कि शहरवासी सीधी लड़ाई के लिए सड़कों पर उतरें हैं। उन्हें बिजली विभाग का निजीकरण रद्द करना चाहिए। उन्होंने कहा कि शहरवासियों पर बिजली का अतिरिक्त बोझ नहीं पड़ने देंगे। वे इस निजीकरण का पुरजोर विरोध करेंगे।
यूटी पावरमैन यूनियन के महासचिव गोपाल दत्त जोशी ने कहा कि प्रशासन गलतियों को छिपाने के लिए लगातार गलतियां कर रहा है। जनता अब जाग चुकी है। चंडीगढ़ के लोगों से अपील करते हुए कहा कि वह निजीकरण के फैसले का विरोध करें, क्योंकि सरकार चंडीगढ़ को एक मॉडल के रूप में स्थापित करने और पूरे देश को कंपनियां सौंपने की सोच रही है। इस मौके पर नागेंद्र सिंह, शाहनाज, सर्वेश यादव और संदीप राज ने भी संबोधित किया।