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Chandigarh News: 60 हजार कर्मचारियों का कूच... ट्राइसिटी की रफ्तार थमी

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चंडीगढ़। पुरानी पेंशन योजना (ओपीएस) और महंगाई भत्ते (डीए) की मांग को लेकर पंजाब के करीब 60 हजार कर्मचारियों के चंडीगढ़ कूच ने शुक्रवार को ट्राइसिटी की रफ्तार थाम दी। सेक्टर-39 के अनाज मंडी में जुटे कर्मचारियों के कारण शहर के दक्षिणी सेक्टर सुबह से शाम तक जाम में फंसे रहे। प्रदर्शन पहले से तय होने के बावजूद चंडीगढ़ ट्रैफिक पुलिस ने समय रहते न तो रूट एडवाइजरी जारी की और न ही प्रभावी ट्रैफिक डायवर्जन की व्यवस्था की। इसका खामियाजा स्कूली बच्चों, मरीजों, दफ्तर जाने वाले कर्मचारियों और हजारों वाहन चालकों को भुगतना पड़ा। कई स्थानों पर एक किलोमीटर का सफर तय करने में एक घंटे से अधिक समय लग गया।
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प्रदर्शन को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था के लिए वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के नेतृत्व में करीब 1,500 पुलिसकर्मी तैनात किए गए थे। इसके बावजूद सेक्टर-39 थाना रोड, सेक्टर-40, 41, 46, 47, मोहाली बॉर्डर, मलोया, डड्डूमाजरा और जुझार नगर की ओर जाने वाले प्रमुख मार्गों पर सुबह करीब 10 बजे से शुरू हुआ जाम देर शाम तक बना रहा। वाहनों की लंबी कतारें लगी रहीं और यातायात रेंगता नजर आया।
स्कूलों की छुट्टी बनी सबसे बड़ी चुनौती
दोपहर बाद स्कूलों की छुट्टी के समय हालात और बिगड़ गए। सेक्टर-41 के शिवालिक पब्लिक स्कूल सहित कई स्कूलों की बसें और वैन जाम में फंस गईं। उमस भरी गर्मी में छोटे-छोटे बच्चे घंटों बसों में बैठे रहे। कई अभिभावक समय पर स्कूल पहुंचने के बावजूद बच्चों को घर नहीं ले जा सके। एम्बुलेंस, दफ्तर से लौट रहे कर्मचारी और सार्वजनिक परिवहन भी जाम में फंसा रहा।
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लोग बोले- तैयारी होती तो नहीं होती परेशानी
जाम में फंसे लोगों ने ट्रैफिक पुलिस और प्रशासन की तैयारियों पर गुस्सा निकाला। शाइस्ता, सरोज और कुलविंदर कौर सहित कई वाहन चालकों ने कहा कि प्रदर्शन का कार्यक्रम पहले से तय था फिर भी वैकल्पिक मार्गों और ट्रैफिक डायवर्जन की व्यवस्था नहीं की गई। उनका कहना था कि थोड़ी बेहतर योजना से हजारों लोगों को घंटों की परेशानी से बचाया जा सकता था।
लौटते समय फिर बिगड़े हालात
शाम करीब साढ़े चार बजे प्रदर्शन समाप्त होने के बाद कर्मचारी पंजाब लौटने लगे तो मोहाली बॉर्डर और उससे जुड़े संपर्क मार्गों पर जाम फिर बढ़ गया। दफ्तरों से लौट रहे कर्मचारियों और आम लोगों को दोबारा लंबे जाम का सामना करना पड़ा। देर शाम तक कई प्रमुख मार्गों पर यातायात पूरी तरह सामान्य नहीं हो सका। शहरवासियों ने कहा कि यदि प्रशासन समय रहते रूट एडवाइजरी जारी कर प्रभावी ट्रैफिक प्लान लागू करता तो ट्राइसिटी की रफ्तार इस तरह नहीं थमती।
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