वर्ष 2023 में चंडीगढ़ फायर विभाग ने 15 मीटर से ऊंची सभी इमारतों का सर्वे किया था। सामने आया था कि चंडीगढ़ में पंजाब और हरियाणा विधानसभा, सिविल सेक्रेटेरिएट और हाईकोर्ट जैसी हैरिटेज इमारत के पास भी फायर एनओसी नहीं है। 15 मीटर से ऊंची सिर्फ 80 इमारतें हैं, जिनके पास एनओसी है। जबकि 262 इमारतों ने आवेदन ही नहीं किया और 78 इमारतों के आवेदन लंबित हैं।
चंडीगढ़ में छोटे कारोबारियों से लेकर बड़े-बड़े उद्योगपतियों द्वारा नगर निगम के नियमों की फायर एनओसी को लेकर धड़ल्ले से धज्जियां उड़ाई जा रही है। हालात यह है कि अगर किसी भी छोटी-बड़ी दुकान में आग लग जाए तो वहां फायर ब्रिगेड के पहुंचने से पहले आग पर काबू पाने के लिए फायर सयंत्र तक नहीं होते हैं।
विज्ञापन
इसका खुलासा हाल ही में फेस-2 में एक क्राकरी शोरूम के गोदाम में लगी आग की घटना में हुआ है। पिछले चार महीनों से नगर निगम के अधीन आने वाले फायर ब्रिगेड विभाग की ओर से फायर एनओसी लेने को लेकर छोटे-बड़े सभी दुकानदारों व कारोबारियों को नोटिस थमाए जा रहे हैं।
सेक्टर-17 में सबसे ज्यादा ऐसी इमारतें हैं, जिनके पास फायर विभाग की एनओसी नहीं है। इसके अलावा भी कई बड़ी इमारतों के संचालकों सहित निजी स्कूलों के प्रंबंधनों द्वारा भी फायर एनओसी नहीं ले रखी है। इसके अलावा इंडस्टि्रयल एरिया में भी अधिकतर कारोबारियों व दुकानदारों ने फायर एनओसी नहीं ले रखी है और न ही उन्होंने अपनी काम करने वाले संस्थानों में आग बुझाने वाले सयंत्र लगाए हुए है ताकि आग की घटना के दौरान इनका प्रयोग किया जा सकें।
चार महीनों से लगातार जारी किए जा रहे नोटिस
आग जैसी घटना से बचने के लिए व्यावसायिक परिसर और भवनों को सुरक्षा के इंतजाम करने के लिए अग्निशमन विभाग से एनओसी लेनी होती है। लेकिन अधिकतर छोटे दुकानदारों से लेकर बड़े कारोबारियों ने भी फायर एनओसी नहीं ले रखी है। अप्रैल 2024 से लगातार पूरे चंडीगढ़ में फायर विभाग की ओर से एनओसी नहीं लेने वालों को नोटिस भेजने की कार्रवाई अमल में लाई जा रही है। अग्निशमन विभाग ने वर्ष 2023 अप्रैल महीने में भी एनओसी नहीं लेने वाले करीब 1500 भवन मालिकों को नोटिस जारी किया था। फायर एनओसी न लेने वालों के खिलाफ दमकल विभाग की ओर से कार्रवाई की जाती है।
एनबीसी के मानक सख्त, पालन करना बहुत मुश्किल
वर्तमान में चंडीगढ़ का फायर विभाग दिल्ली फायर एक्ट, उसके रूल्स और नेशनल बिल्डिंग कोड-2016 के सभी मानकों को पूरा करने के बाद ही एनओसी जारी करता है। नेशनल बिल्डिंग कोड (एनबीसी) वो मानक नियम हैं, जिनका अथॉरिटी और कंस्ट्रक्शन कंपनियां पालन करती हैं ताकि सभी लोगों को सुरक्षित और स्वस्थ अनुभव मुहैया कराया जा सके। हालांकि शहर के सभी उद्योगपतियों और व्यवसायियों का कहना है कि एनबीसी के मानक काफी सख्त है। जमीनी स्तर पर उसे लागू करना असंभव है। इस वजह से ही चंडीगढ़ के कई इमारत, उद्योग व अन्य भवनों को फायर एनओसी नहीं मिल पाती।