सूबे में शुक्रवार को बैंकों के अंदर और बाहर लोगों की लंबी कतारें देखने को मिलीं। बौखलाए लोग सुबह से ही बैंकों के सामने इकट्ठा होने लगे। कैश पहुंचा लेकिन कुछ ही घंटों में खत्म भी हो गया। बैंक और एटीएम में दिनभर अफरातफरी का माहौल रहा।
500 और 1000 के नोटों के बंद होने के आदेशों के बाद दो दिन से बंद एटीएम शुक्रवार को खुलने थे। बटाला में सुबह कुछेक एटीएम ही खुले और कुछ घंटों में खाली भी हो गए। लगभग 90 प्रतिशत बैंकों की एटीएम की स्क्रीन पर टेंपरेरली आउट ऑफ सर्विस लिखा मिला। एटीएम से निराश लोग बैंक पहुंचे लेकिन वहां भी कुछ ही घंटों में कैश खत्म हो गया।
बैंक में नोट बदलवाने आने वाले लोगों को पांच-पांच रुपये के सिक्के भी दिए गए। बैंक मैनेजर नवदीप सिंह ने बताया कि जितना भी कैश आया है, लोगों में बांट दिया है। कैश खत्म होने के बारे करंसी चेस्ट कैब को सूचित कर दिया है, जैसे ही कैश पहुंचेगा फिर से बांटना शुरू कर देंगे।
बैंक पहुंचे जगजीत सिंह, नरेश कुमार, कवंल सिंह और राकेश ने बताया कि उनके घरों में आने वाले दिनों में शादी है वह आज कुछ कैश निकलवाने आए थे। उन्होंने कहा कि मोदी और जेटली ने एलान करने के समय मरीजों और विवाह वाले घरों के बारे में बिल्कुल नहीं सोचा। उन्होंने सरकार से अपील की है कि सरकार विवाह और अस्पतालों में इलाज करवा रहे मरीजों के लिए कम से कम बैंकों से पैसे निकलवाने की सीमा 3 लाख रुपये की जाए।
बैंकों में लगीं लंबी कतारें, 2 बजे ही हुआ कैश खत्म
कैश के लिए मारामारी
कई बैंकों ने एक्सचेंज नहीं किए पुराने नोट
लुधियाना। पुरानी करेंसी बदलने के लिए मोदी सरकार के आदेश को कई बैंकों ने ठेंगे पर रखा। कुछ बैंकों की शाखाओं ने केवल अपने ग्राहकों की करेंसी ही बदली, जबकि अन्य लोगों के पुराने नोट करेंसी किल्लत की आड़ में नहीं बदले गए। लोग नोट लेने के लिए बैंक शाखाओं से लेकर एटीएम तक दौड़ते रहे। दो-दो घंटे लाइन में खड़े रहने के बावजूद कुछ लोगों को ही केवल दो हजार मिले।
फिरोजपुर रोड में होटल नागपाल रीजेंसी के पास स्टेट बैंक ऑफ हैदराबाद, कोटक महिंदरा बैंक ने करेंसी किल्लत की आड़ में लोगों के नोट एक्सचेंज करने में आनाकानी की। लीड बैंक मैनेजर एएस चावला ने कहा कि ऐसा नहीं हो सकता। उन्होंने यह माना कि करेंसी में सौ के नोट की दिक्कत है।
सुरक्षा कर्मियों से धक्का-मुक्की
शुक्रवार को वीरवार के मुकाबले बैंकों में ज्यादा भीड़ रही। जिस कारण कई इलाकों में तो बैंक और सुरक्षा कर्मचारियों के साथ नोट बदलने आए लोगों के साथ धक्का-मुक्की भी हुई। शिवपुरी और बस्ती जोधेवाल के पीएनबी के बाहर भीड़ ज्यादा हो गई। बहसबाजी शुरू होने के कारण बैंक के सुरक्षा कर्मचारी और वहां आए लोगों में बहस व धक्का-मुक्की हो गई। दरेसी स्थित स्टेट बैंक ऑफ पटियाला, भारत नगर चौक स्थित बैंक ऑफ इंडिया, घंटाघर स्थित देना बैंक, विजया बैंक, एक्सिस बैंक, यूनियन बैंक और यूको बैंक सभी के बाहर भारी भीड़ रही।