केंद्रीय ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज मंत्री बीरेंद्र सिंह ने कहा कि पिछले दो-तीन वर्षों में मानसून के दौरान कम बारिश की वजह से राज्यों में सूखे की स्थिति उत्पन्न हुई है।
10 राज्यों ने अपने यहां सूखा ग्रस्त घोषित कर दिया है, जबकि तीन अन्य राज्यों पर भी सूखे का प्रभाव दिख रहा है। इस स्थिति में केंद्र सरकार सभी प्रभावित राज्यों को मदद पहुंचा रही है। सूखे से प्रभावित राज्यों को मनरेगा के तहत 100 दिन के बजाय 150 दिन का काम देने के निर्देश दिए गए हैं।
राज्यों में पानी से फैल रही बीमारियों से बचाव केलिए भूमिगत जल की बजाय सतही जल के इस्तेमाल को प्रोत्साहित किया जाना चाहिए। इस संबंध में राज्यों को योजनाएं तैयार कर केंद्र को भेजने को कहा गया है।
‘ग्राम उदय से भारत उदय अभियान’ के बारे में जानकारी देने के लिए वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिये रू-ब-रू हुए बीरेंद्र सिंह और राधामोहन सिंह ने ये जानकारियां दीं।
बीरेंद्र सिंह ने एक सवाल के जवाब में कहा कि भूजल में फ्लोराइड और आर्सेनिक जैसे तत्वों की मौजूदगी से बीमारियाें की वजह बन चुका है। इससे बचाव केलिए आरओ सिस्टम के तहत भी पहल की जा रही है, लेकिन सतही जल के इस्तेमाल को बढ़ावा देना चाहिए।
गौरतलब है कि हाल ही में अध्ययन के बाद हरियाणा में भी 500 से अधिक नमूनों में फ्लोराइड और 10 में आर्सेनिक की पुष्टि हुई थी। पंजाब में हैवी मेटल से होने वाले नुकसान से बचाव और स्वच्छ पेयजल की आपूर्ति के लिहाज से 800 करोड़ की लागत से परियोजना पर काम चल रहा है।
उन्होंने बताया कि पेयजल के लिए 823 करोड़ रुपये की राशि जारी की जा चुकी है। केंद्र सरकार ने इस संकट से निपटने के लिए राज्यों को फ्लेक्सी फंड में से भी 10 प्रतिशत राशि का इस्तेमाल करने को कहा है।
राधामोहन सिंह ने बताया कि जल संरक्षण की दिशा में केंद्र सरकार ने फव्वारा और टपका सिंचाई को बढ़ावा देने के लिए 2340 करोड़ की राशि जारी की है।
एक प्रश्न के उत्तर में बीरेंद्र सिंह ने कहा कि पिछले पांच वर्षों में पहली बार ऐसा हुआ है, जब 229 करोड़ मैन-डेज कार्य हुआ है और इस मद में 41 हजार करोड़ रुपये से ज्यादा रुपये खर्च किए गए हैं। उन्होंने बताया कि विभिन्न राज्यों ने मनरेगा के लिए आठ हजार करोड़ रुपये की मांग की थी और तीन दिन पहले ही इसके लिए करीब 12 हजार करोड़ रूपये की राशि जारी कर दी गई है।
देश भर की 585 मंडियां जुड़ेंगी ई-ट्रेडिंग प्रणाली से
राधामोहन सिंह ने बताया कि प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना इसी खरीफ मौसम से आरंभ हो जाएगी। सरकार इस योजना के तहत 50 प्रतिशत फसल क्षेत्र को कवर करना चाहती है। केंद्र सरकार मिट्टी की सेहत को सुधारने की दिशा में भी तेजी से कार्य रही है। लक्ष्य देश के 14 हजार करोड़ किसानों को सॉयल हेल्थ कार्ड बनाने का सरकार का लक्ष्य है। 2018 तक देश के हर गांव में बिजली पहुंचाने का भी लक्ष्य रखा गया है। किसानों को उनकी फसलों का सही मूल्य दिलाने के लिए देश की 585 मंडियों को ई-ट्रेडिंग प्रणाली से जोड़ा जाएगा।
दिल्ली से ग्राम सभाओं तक पहुंचेंगे सांसद, विधायक और मंत्री
बीरेंद्र सिंह ने ‘ग्राम उदय से भारत उदय अभियान’ के बारे में बताया कि 14 अप्रैल को डॉ. भीम राव अंबेडकर की 125वीं जयंती पर शुरू होगा, जबकि 24 अप्रैल को पंचायती राज दिवस पर संपन्न होगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 14 अप्रैल को मध्य प्रदेश के महु से अभियान का शुभारंभ करेंगे। 14-16 अप्रैल के बीच केंद्रीय पंचायती राज मंत्रालय व सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय के सहयोग से सभी ग्राम पंचायतों में ‘सामाजिक सौहार्द कार्यक्रम’ चलाया जाएगा। इस कार्यक्रम में ग्रामीण डॉ. अंबेडकर को श्रद्धांजलि देंगे और ‘सामाजिक सौहार्द को मजबूत बनाने का संकल्प लेंगे। राष्ट्रीय पंचायती राज दिवस पर 24 अप्रैल को होने वाली ग्राम सभाओं को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी संबोधित करेंगे। प्रधानमंत्री 24 अप्रैल को जमशेदपुर से देश की सभी ग्राम सभाओं को संबोधित करेंगे, जिसका रेडियो व टीवी के जरिये सभी गांवों में प्रसारित होगा। इस मौके पर प्रधानमंत्री देश की 250 सर्वश्रेष्ठ पंचायतों को भी सम्मानित करेंगे। यह भी पहला अवसर है, जब पंचायती राज प्रतिनिधि सम्मेलन की पहुंच दिल्ली से निकलकर ग्राम सभाओं तक होगी।