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प्रदूषण पर नियंत्रण के लिए केजरीवाल व मान को कोई मदद चाहिए तो सहयोग के लिए तैयार : मनोहर

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मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने दिया प्रस्ताव, कहा-हरियाणा सरकार ने पराली प्रबंधन में किया बेहतरीन कार्य
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अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने कहा कि हरियाणा में पराली जलाने की घटनाओं में काफी कमी आई है, जबकि पंजाब में पराली जलाने की घटनाएं ज्यादा हो रही हैं। इस समस्या के समाधान के लिए हम सभी को मिलकर काम करने की जरूरत है। मगर कुछ लोग राजनीति कर रह हैं। इससे उन्हें कोई लाभ नहीं हो रहा, बल्कि इसका असर उन पर हो रहा है। उन्होंने दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान से अपील करते हुए कहा कि यदि उन्हें प्रदूषण नियंत्रण व पराली प्रबंधन में हरियाणा सरकार की कोई मदद चाहिए तो वह सहयोग करने के लिए तैयार हैं। मुख्यमंत्री ने यह बयान पिंजौर में हॉट एयर बैलून सफारी का शुभारंभ करते हुए पत्रकारों से बातचीत के दौरान दिया। उन्होंने कहा कि प्रदूषण के कारण ऐसे हालात हो गए हैं कि कुछ स्थानों पर ऑफिस और स्कूल बंद करने की नौबत आ गई है। इसलिए वातावरण और हवा को शुद्ध रखने की सामूहिक जिम्मेदारी है। पराली प्रबंधन के लिए हरियाणा सरकार की ओर से किए गए उपायों के बारे में जानकारी देते हुए उन्होंने कहा कि सरकार किसानों को पराली प्रबंधन के लिए मशीनें उपलब्ध करवा रही है। सब्सिडी भी दे रही है। अब पराली का वाणिज्यिक उपयोग बढ़ाने के आवश्यकता है। एथेनॉल, एनर्जी प्लांट, ब्रिक्स इत्यादि में पराली के उपयोग की संभावनाओं को बढ़ाना होगा। उन्होंने किसानों से अपील करते हुए कहा कि वे पराली न जलाएं बल्कि उसका वाणिज्यिक उपयोग करें। इससे एक ओर जहां प्रदूषण से निजात मिलेगी, वहीं किसानों की आय में भी वृद्धि होगी।

हरियाणा में 54 और पंजाब में दो हजार से ज्यादा स्थानों पर जली पराली
बुधवार को हरियाणा में 54 जगह पराली जली, जबकि पंजाब में 2003 जगह पराली जलाने की घटनाएं दर्ज की गईं। हरियाणा में अब तक पराली जलाने की 1649 और पंजाब में 22981 घटनाएं दर्ज की जा चुकी हैं। बुधवार को सफीदों में पराली जलाने पर दो किसानों पर पांच हजार रुपये जुर्माना किया गया। आंकड़ों से जाहिर है कि हरियाणा के मुकाबले पंजाब में कई गुना ज्यादा पराली जलाई जा रही है। हरियाणा के फतेहाबाद में 338 जगह पराली जलाई गई है। पराली जलाने के मामले में यह जिला सबसे टॉप पर है। वहीं, जींद में 246, कैथल में 226, अंबाला में 184 और कुरुक्षेत्र में 146 मामले दर्ज किए गए हैं।
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प्रदूषण से राहत नहीं, आज बारिश के आसार, घुलेगा प्रदूषण
हरियाणा को वायु प्रदूषण से फिलहाल राहत नहीं मली है। राज्य के 13 शहर अब भी गंभीर प्रदूषण की चपेट में है। बुधवार को सबसे ज्यादा फतेहाबाद में 451 वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) दर्ज किया गया। वहीं, मौसम विभाग के मुताबिक नौ व दस नवंबर को पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हो रहा है। इससे हरियाणा के कई जिलों में दोनों दिन हल्की बारिश के आसार हैं। बारिश से प्रदूषण के कण के घुलने के आसार हैं। वहीं, पश्चिमी विक्षोभ जाने के बाद हवाओं की गति भी बढ़ेगी। इससे प्रदूषण से राहत मिलने के आसार हैं।
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जिला/स्थान एक्यूआई
फतेहाबाद
451

फरीदाबाद
425

जींद
406

भिवानी
400

गुरुग्राम 385

कैथल
380

मानेसर
364

रोहतक
362

हिसार
332

चरखी दादरी
324

पानीपत
323

सिरसा
319

चरखी दादरी: अवैध खनन पकड़ा, चलती मिली सीमेंट फैक्टरी

चरखी दादरी में खनन विभाग की टीम ने रामलवास जोन में जहां अवैध खनन पकड़ा, वहीं प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की टीम को गांव चिड़िया में सीमेंट फैक्टरी चलती मिली। इस पर संज्ञान लेकर विभागीय टीमों ने झोझूकलां थाने में दो एफआईआर दर्ज करवाई हैं। वहीं हिसार व भिवानी में प्रदूषण को नियंत्रण करने के लिए पानी का छिड़काव करवाया गया।
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