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शाह से बोले मनोहर: हरियाणा में पंजाब व दिल्ली से आ रहा नशा, रोकने के लिए ठोस नीति बनाने का किया आग्रह

Sat, 30 Jul 2022 11:21 PM IST
भूपेंद्र सिंह अमर उजाला ब्यूरो, चंडीगढ़

सार

सीएम मनोहर लाल ने कहा कि दोनों राज्यों के साथ लगते जिलों में नशा एक समस्या है। इसपर ठोस कार्रवाई करनी होगी। प्रतिबंधित दवाओं पर यूनीक सीरियल नंबर और बार कोड होना चाहिए, इससे ट्रैक करने में मदद मिलेगी।
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अमित शाह और हरियाणा के सीएम मनोहर लाल। - फोटो : फाइल फोटो
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विस्तार
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हरियाणा में ड्रग्स पंजाब और दिल्ली से आ रहा है। दोनों राज्यों के साथ लगते जिलों में नशा एक समस्या बन गया है। उत्तरी राज्यों के मुख्यमंत्रियों के सम्मेलन में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के समक्ष यह मुद्दा उठाते हुए मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने नशा तस्करी के खिलाफ ठोस नीति बनाने का आग्रह किया। सीएम ने कहा कि नशे के लिए इस्तेमाल होने वाली प्रतिबंधित दवाओं पर यूनीक सीरियल नंबर और बार कोड हो, इससे इन्हें ट्रैक करने में मदद मिलेगी।

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उन्होंने कहा कि फॉरेंसिक लैबोरेट्री को अपग्रेड करने का लक्ष्य है ताकि ड्रग्स की जल्दी से जल्दी रिपोर्ट आ सके और आरोपियों को डिफॉल्ट बेल न मिले। नशा बेचने वालों का नेटवर्क पूरे देश में है। सामूहिक लड़ाई लड़ने की जरूरत है। युवा हमारी बड़ी ताकत हैं। नशे की समस्या को अनदेखा नहीं कर सकते। हरियाणा में हर महीने एनडीपीसी एक्ट में 200 से अधिक मुकदमे दर्ज कर रहे हैं। 

हरियाणा में कार्रवाई 
हरियाणा पुलिस ने तेलंगाना, उड़ीसा, मध्यप्रदेश जैसे सुदूर राज्यों के दुर्गम इलाकों से भी नशा तस्करों को पकड़ा है। पिछले एक साल में 2661 आरोपी गिरफ्तार किए हैं। जून 2022 तक 253 ड्रग तस्करों की करीब 32 करोड़ की काली कमाई की जब्त की है। 13 करोड़ की संपत्ति को जब्त करने की प्रक्रिया चल रही है। प्रदेश के 13 जिलों में 142 नशा मुक्ति केंद्र खोले गए हैं। हर जिले के सिविल अस्पताल में नशा मुक्ति केंद्र खोलने का लक्ष्य है। 

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अमित शाह - फोटो : एएनआई
पंजाब ड्रग्स आपूर्ति होने पर हरियाणा को तुरंत सूचना दे : शाह 
गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि उतरी राज्यों को अपने बीच समन्वय बनाना होगा। अगर पंजाब से ड्रग्स हरियाणा जाता है तो हरियाणा को तुरंत सूचना मिल जाए। इसके बाद हरियाणा उसे दिल्ली की ओर नहीं जाने देगा। शाह ने कहा कि ड्रोन आज ड्रग्स, हथियारों की तस्करी और जाली नोटों के लिए बड़ी समस्या बने हुए हैं।
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हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल। - फोटो : अमर उजाला
मनोचिकित्सक नशामुक्ति सेवाएं प्रदान कर रहे
मनोहर लाल ने कहा कि जहां नशामुक्ति केंद्र स्थापित नहीं हैं, उन सभी जिलों के सिविल अस्पतालों में मनोचिकित्सक नशामुक्ति सेवाएं प्रदान कर रहे हैं। हिसार व रोहतक जेल में भी नशामुक्ति केंद्र खोले हैं। नशे के आदी व्यक्तियों की पहचान, उपचार और आर्थिक रूप से पुनर्वास कर उन्हें समाज की मुख्यधारा में लाने के लिए हरियाणा राज्य मादक पदार्थ रोकथाम समिति का गठन कर रहे हैं। यह समिति भी नशे के कारण होने वाली सामाजिक, आर्थिक, स्वास्थ्य व अन्य हानियों के बारे में अनुसंधान कर लोगों को जागरूक करने का काम करेगी।

आठ जिलों में स्टेट एक्शन प्लान लागू
 सीएम ने कहा कि अंतरराज्यीय तस्कर गिरोह से निपटने के लिए हरियाणा पुलिस, नारकोटिक कंट्रोल ब्यूरो के साथ प्रभावी तालमेल बनाए हुए है। कुछ मुकदमों को अनुसंधान के लिए भी सौंपा है। एडीजी रैंक अधिकारी के नेतृत्व में सैकड़ों पुलिस कर्मी नशे के खिलाफ महत्वाकांक्षी स्टेट एक्शन प्लान लागू कर रहे हैं। पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर कुरुक्षेत्र, अंबाला, यमुनानगर, पंचकूला, जींद, हिसार, फतेहाबाद एवं सिरसा में यह प्लान लागू किया है।

साथी नाम के मोबाइल एप के जरिये नशीली दवाओं की बिक्री पर नजर रख रहे हैं। बच्चों और युवाओं को नशे की लत से बचाने के लिए धाकड़ कार्यक्रम स्कूल, कॉलेज, विश्वविद्यालय और अन्य शैक्षणिक संस्थानों के स्तर पर शुरू किया है। स्टेट एक्शन प्लान के तहत ग्राम व वार्ड स्तर से राज्य स्तर तक मिशन टीमों का गठन किया जाएगा। इनमें सरपंच, ग्राम सचिव, पटवारी, सेवानिवृत्त सैन्यकर्मी, स्कूल के प्राचार्य, बीट प्रभारी, नंबरदार, महिला सदस्य शामिल होंगे।
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