चंडीगढ़। मनीमाजरा के करीब एक लाख लोगों को नए साल में 24 घंटे पानी का तोहफा मिलेगा। पूरे इलाके में करीब 11 हजार पानी के साधारण मीटर को स्मार्ट मीटर में बदला जा चुका है। अब पानी की आपूर्ति के लिए पाइपलाइन बिछाई जा रही है, जिसका थोड़ा काम बाकी रह गया है। निगम के अधिकारियों का दावा है कि जनवरी 2024 में परियोजना का उद्घाटन कर दिया जाएगा।चंडीगढ़ स्मार्ट सिटी लिमिटेड ने मनीमाजरा 24 घंटे पानी के पायलट प्रोजेक्ट को एसबीई इंजीनियरिंग एंड इंफ्रास्ट्रक्चर प्राइवेट लिमिटेड को 162 करोड़ रुपये में आवंटित किया है। इसमें पूंजीगत लागत के रूप में 70.77 करोड़ रुपये और 91.30 करोड़ रुपये से 15 वर्षों के लिए जल आपूर्ति के संचालन और रखरखाव की जिम्मेदारी कंपनी संभालेगी। इस परियोजना से मॉडर्न हाउसिंग कॉम्प्लेक्स (एमएचसी), शिवालिक एन्क्लेव, इंदिरा कॉलोनी, शास्त्री नगर और ओल्ड मनीमाजरा को 24 घंटे पानी मिलेगा।
नगर निगम की आयुक्त आनिंदिता मित्रा ने बताया कि मनीमाजरा में 24 घंटे जल आपूर्ति पायलट प्रोजेक्ट की परियोजना दिसंबर के अंत तक पूरी हो जाएगी। उसके बाद जनवरी माह में उद्घाटन कराया जाएगा। उन्होंने बताया कि 24 घंटे पानी की सप्लाई के लिए कुल 21 किमी की पाइपलाइन बिछाई जानी है, जिसमें से 13 किमी पाइपलाइन बिछाई जा चुकी है। इसके अलावा दो भूमिगत जल जलाशयों (यूजीआर) के निर्माण का कार्य भी लगभग पूरा हो चुका है। प्रत्येक यूजीआर की क्षमता 2 मिलियन गैलन प्रति दिन (एमजीडी) होगी।
रीडिंग लेने के लिए घर-घर जाने की नहीं होगी जरूरत
नगर निगम के अधिकारियों ने बताया कि मनीमाजरा के इलाकों में पानी के 12,700 साधारण मीटर को स्मार्ट मीटर में बदला जा रहा है। करीब 11 हजार मीटर बदले जा चुका है और बाकी पर काम चल रहा है। स्मार्ट मीटर लगने से नगर निगम के कर्मचारियों को रीडिंग लेने के लिए घर-घर जाने की जरूरत नहीं होगी। किस घर ने कितना पानी इस्तेमाल किया, इसकी रीडिंग सुपरवाइजरी कंट्रोल एंड डाटा एक्विजिशन (स्काडा) सिस्टम प्रणाली पर दिखाई देगी। सिस्टम न केवल मासिक रीडिंग बल्कि दैनिक खपत के आंकड़े भी देगा। साथ ही नए मीटरों की एक्यूरेसी रेट 100 फीसदी होगी। इस परियोजना से मैनपावर और बिलिंग में आने वाला खर्च भी काफी कम हो जाएगा।
पानी की लीकेज भी होगी कम
नगर निगम ने 510 करोड़ रुपये की परियोजना के लिए दीर्घकालिक तकनीकी सहायता (एलटीटीए) प्रदान करने को छह चयनित एजेंसियों से आरएफपी आमंत्रित किया हुआ है। इस परियोजना में 412 करोड़ रुपये एएफडी का सॉफ्ट लोन और 98 करोड़ रुपये यूरोपीय संघ का अनुदान होगा। पूरे शहर में 24 घंटे पानी की परियोजना के लिए निगम ने जो लोन लिया है, उसका भुगतान पानी का दाम बढ़ाकर लोगों से वसूला जाएगा। निगम के अधिकारियों का दावा है कि इस परियोजना से पानी की लीकेज की समस्या भी दूर हो जाएगी, क्योंकि नई पाइपलाइन बिछाई जा रही है। लीकेज से पानी की बर्बादी 35 फीसदी से 15 फीसदी तक घटने का अनुमान है।