चंडीगढ़ भाजपा ने आत्मनिर्भर भारत अभियान से जुड़े लाभार्थियों के साथ गुरुवार को एक वेबिनार का आयोजन किया। इसे मुख्य रूप से केंद्रीय वित्त राज्यमंत्री अनुराग ठाकुर ने संबोधित किया। ठाकुर के अलावा वेबिनार में सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया के उपमहाप्रबंधक बालाचन्दरण व भारतीय स्टेट बैंक के उपमहाप्रबंधक ललित मोहन भी उपस्थित रहे और लोगों को संबोधित किया।
अनुराग ठाकुर ने कहा कि आत्मनिर्भर का सही मतलब तो यह होता है कि कोई भी व्यक्ति, गांव या देश किसी दूसरे के सहारे या किसी दूसरे पर निर्भर न होकर खुद पर निर्भर रहे। यदि हमारा शहर या देश आत्मनिर्भर रहेगा तो हमें किसी दूसरे देश पर निर्भर नहीं रहना होगा। अनुराग ठाकुर ने कहा कि इसी सोच के साथ प्रधानमंत्री ने आत्मनिर्भर भारत अभियान के तहत बीस लाख करोड़ रुपये के राहत पैकेज की घोषणा की है।
कृषि कानूनों पर उन्होंने कहा कि विपक्षी दल किसानों को बिना वजह भड़का रहे हैं, जबकि प्रधानमंत्री बार-बार यह आश्वासन दे चुके हैं कि एमएसपी (न्यूनतम समर्थन मूल्य) पहले भी थी और आगे भी लागू रहेगी। मंडी व्यवस्था पहले की तरह लागू रहेगी, बल्कि किसानों के लिए एक और रास्ता खोला गया है। इससे किसानों की आर्थिक व्यवस्था सुधरेगी। प्रदेशाध्यक्ष अरुण सूद ने कहा कि आत्मनिर्भर भारत प्रधानमंत्री का ऐसा सपना है, जिससे हर भारतवासी आत्मनिर्भर बनेगा। इस दौरान अरुण सूद ने लॉकडाउन के समय प्रदेश भाजपा द्वारा किए कार्यों का उल्लेख किया।
पूर्व बैंककर्मी बिपिन गुप्ता द्वारा लिखित पुस्तक ‘गेटिंग इट राइट@60’ का विमोचन भी किया गया। वेबिनार में संगठन महामंत्री दिनेश कुमार, पूर्व प्रदेशाध्यक्ष संजय टंडन, सांसद किरण खेर, पूर्व सांसद सत्यपाल जैन, महामंत्री चंद्रशेखर, रामवीर भट्टी, प्रदेश प्रवक्ता कैलाश चंद जैन, धीरेंद्र तायल, गुरप्रीत ढिल्लों, नरेश अरोड़ा, शिप्रा बंसल, गौरव गोयल समेत सभी जिला अध्यक्ष, मोर्चा अध्यक्ष, मंडल अध्यक्षों के अलावा शहर के व्यापारी, ट्रेड व इंडस्ट्री से जुड़े लोग, स्ट्रीट वेंडर्स व आत्मनिर्भर भारत के तहत कर्ज लेने वाले लाभार्थी तथा बैंककर्मी जुड़े।
‘बैंक बिना परेशानी के देंगे ऋण’
वेबिनार में उपस्थित सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया के उप महाप्रबंधक बालाचन्दरण व स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के उपमहाप्रबंधक ललित मोहन ने आत्मनिर्भर भारत के तहत बैंकों द्वारा दिए जाने वाली सहायता के बारे में विस्तार से बताया और आह्वान किया कि जो प्रार्थी अभी रह गए हैं, वे अपने-अपने बैंकों से ये सुविधाएं प्राप्त कर सकते हैं। उन्होंने आश्वासन दिलाया कि बैंक बिना किसी परेशानी के ऋण देने में सहयोग करेंगे।