जेईआरसी की मंजूरी के इंतजार में है रेस्को मॉडल
चंडीगढ़ पर्यावरण विभाग बिना खर्च घर की छत पर सोलर प्लांट लगाने के लिए रेस्को मॉडल लेकर आया था। अब तक इसे शहर में लागू नहीं किया गया है क्योंकि मॉडल को लागू करने से पहले क्रेस्ट को संयुक्त विद्युत नियामक आयोग (जेईआरसी) से मंजूरी लेनी है। इस मॉडल के तहत बिना किसी खर्च के लोगों के घर की छत पर कंपनी की तरफ से सोलर पैनल लगाए जाएंगे। इससे घर में रहने वाले उस बिजली को इस्तेमाल भी कर सकेंगे और उसे बेच कर कमाई भी कर सकेंगे।
सरकारी
वर्तमान नियम: इसके तहत जिस सरकारी इमारत, दफ्तर, कॉलेज, शिक्षण संस्थान, यूनिवर्सिटी आदि का बिजली लोड 30 किलोवाट से ज्यादा है, उन्हें कम से कम दो किलोवाट का सोलर पावर प्लांट लगाना अनिवार्य है।
प्रस्तावित: सभी सरकारी इमारत, दफ्तर, कॉलेज, शिक्षण संस्थान, यूनिवर्सिटी आदि में सोलर पावर प्लांट लगाना अनिवार्य होगा, चाहे उनका बिजली लोड कितना भी हो।
निजी
वर्तमान नियम: जिन निजी शिक्षण संस्थान, स्कूल, कॉलेज, हॉस्टल, टेक्निकल वोकेशनल एजुकेशन इंस्टीट्यूट व यूनिवर्सिटी आदि का बिजली लोड 30 किलोवाट से ज्यादा है, उन्हें कम से कम 5 किलो वाट का सोलर पावर प्लांट लगाना अनिवार्य है।
प्रस्तावित: सभी निजी शिक्षण संस्थान, स्कूल, कॉलेज, हॉस्टल, टेक्निकल वोकेशनल एजुकेशन इंस्टीट्यूट व यूनिवर्सिटी आदि में सोलर पावर प्लांट लगाना अनिवार्य होगा, चाहे उनका बिजली लोड कितना भी हो।