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सेक्टर 32 में 13 हरे-भरे पेड़ काटने पर माली निलंबित

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चंडीगढ़। सेक्टर -32 स्थित गवर्नमेंट हाई स्कूल में कुछ महीने पहले काटे गए पेड़ के मामले में चंडीगढ़ प्रशासन के बागवानी विभाग ने मुख्य माली शेर सिंह को निलंबित कर दिया है। इस मामले में सेक्टर-34 के थाने में शेर सिंह व ठेकेदार ओमप्रकाश के खिलाफ भी मामला दर्ज करने की शिकायत दी गई है।
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यह पहली बार है, जब पेड़ काटने के मामले में किसी को निलंबित किया गया हो। बागवानी विभाग की इस कार्रवाई से सवाल भी खड़े हो रहे हैं। इस पूरे मामले को ढाई महीने से अधिक हो चुके हैं, लेकिन अब तक इस पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। गाज गिरी भी तो मुख्य माली पर।
जानकारी के अनुसार करीब ढाई महीने पहले सेक्टर-32 के सरकारी स्कूल में छंटाई के बदले 13 हरे-भरे पेड़ों को काट दिया गया था। इस बात की जानकारी जब बागवानी विशेषज्ञ राहुल महाजन को मिली थी तो उन्होंने मौके पर जाकर देखा तो पीपल, नीम जैसे पेड़ों को काटकर उसकी लकड़ी स्कूल से बाहर ले गए थे। इस मामले की पड़ताल की तो पता चला कि स्कूल प्रशासन ने बागवानी विभाग को एक पेड़ों की छंटाई के लिए पत्र लिखा था, लेकिन बागवानी विभाग के माली ने ठेकेदार के साथ मिलकर छंटाई के बजाय पेड़ों को काट दिया था। साथ ही उनकी लकड़ी भी स्कूल के बाहर भेज दी थी। बागवानी विभाग ने इस मामले की जांच की तो शेर सिंह की भूमिका संदिग्ध लगी। इस पर उसे शुक्रवार को निलंबित कर दिया गया।
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बागवानी विशेषज्ञ राहुल महाजन का कहना है कि पिछले कई सालों से शहर में छंटाई के नाम पर पेड़ों को काटकर उनकी लकड़ी बेची जा रहा है। इस तरह के मामले सेक्टर-53, 54 और कलाग्राम में आ चुके हैं, लेकिन कार्रवाई नहीं हुई है। शहर में एक गिरोह है, जो छंटाई के बहाने पेड़ों को काट देता है। इससे शहर को बहुत बड़ा नुकसान हो रहा है। उन्होंने चंडीगढ़ प्रशासन से मांग की है कि इस मामले को वे गंभीरता से लें। छंटाई के नाम पर पेड़ों की हो रही कटाई को बंद किया जाए। साथ ही उन्होंने स्कूल प्रशासन व शहर के लोगों से भी अपील की है कि जब भी कोई पेड़ को काटे तो उससे स्वीकृति का कागज जरूर मांगे। बागवानी विभाग की स्वीकृति के बिना कोई भी पेड़ों को काट नहीं सकता।
कोट
माली को निलंबित कर दिया गया है। ठेकेदार के खिलाफ भी एफआईआर दर्ज करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही यह सुनिश्चित करने को कहा है कि इस तरह के दोबारा मामले न हों। - सीबी ओझा, चीफ इंजीनियर यूटी प्रशासन
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