द्रोणाचार्य अवार्डी पहलवान महाबीर फोगाट हरियाणा प्रदेश सरकार की खेल नीति के विरोध में उतर आए हैं। उन्होंने कहा है कि आने वाले पांच सालों में पदकों का सूखा पड़ेगा। उन्होंने दावा किया कि प्रदेश के ज्यादातर राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ी सरकार की खेल नीति के विरोध में उन्हें अपना समर्थन दे चुके हैं।
महाबीर फोगाट ने प्रदेश सरकार की खेल नीति को नकारात्मक बताया। उन्होंने कहा कि भले ही हरियाणा अब पदकों में नंबर वन हो, लेकिन आने वाले पांच साल के अंदर पदकों का सूखा झेलेगा। ऐसे गंभीर परिणाम देखने को न मिले, इसके लिए खेल नीति में बदलाव की जरूरत है।
अंतरराष्ट्रीय महिला पहलवानों गीता, बबीता व रितू फोगाट के पिता महाबीर फोगाट द्रोणाचार्य अवार्डी हैं। सोमवार को उन्होंने चरखी दादरी में पत्रकार वार्ता की। महाबीर ने कहा कि सरकार ने प्रदेश के करीब तीन हजार खिलाड़ियों को समारोह में देने की बजाय खाते से अवार्ड राशि भेजने का फैसला लेकर खिलाड़ी विरोधी सोच का परिचय दिया है।
उन्होंने बताया कि अवार्ड राशि समारोह के दौरान मिलती है तो खिलाड़ियों का मनोबल काफी बढ़ता है। 24 जून को होने वाले समारोह को सरकार ने रद्द कर दिया, तो इससे पूरे प्रदेश के खिलाड़ियों में आक्रोश है। भाजपा सरकार खिलाड़ियों के लिए केवल घोषणाएं करती है, उन्हें अमलीजामा पहनाने की तरफ ध्यान ही नहीं है।