11 मार्च को मनाई जाएगी महाशिवरात्रि
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महाशिवरात्रि का पर्व 11 मार्च को फाल्गुन मास के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी युक्त चतुर्दशी तिथि को मनाया जाएगा। सेक्टर-30 के श्री महाकाली मंदिर स्थित भृगु ज्योतिष केंद्र के प्रमुख पंडित बीरेंद्र नारायण मिश्र ने बताया कि इस साल महाशिवरात्रि पर शिव योग और सिद्ध योग बन रहा है।
उन्होंने कहा कि इस साल फाल्गुन मास कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी 11 मार्च को दोपहर दो बजकर 40 मिनट पर आरंभ होकर 12 मार्च को दोपहर बाद तीन बजकर 30 मिनट तक रहेगी। धार्मिक मान्यता के अनुसार शिवरात्रि की रात को ही भगवान शिव और माता पार्वती का विवाह हुआ था। शिवरात्रि को रात्रि में मनाने का विधान है। उन्होंने कहा कि 11 मार्च की पूरी रात्रि चतुर्दशी विद्यमान रहेगी, इसलिए शिवरात्रि 11 मार्च को ही मनाई जाएगी।
शिव और शक्ति के महामिलन के दिन कई शुभ योग बन रहे हैं। विशेष रूप से शिव योग 11 मार्च सुबह नौ बजकर 24 मिनट तक और उसके बाद सिद्धि योग 12 मार्च को सुबह 8 बजकर 25 मिनट तक के साथ घनिष्ठा नक्षत्र का संयोग होने से पर्व का महत्व बहुत अधिक बढ़ जाता है। उन्होंने कहा कि सिद्धि योग में मंत्र/तंत्र साधना, जप एवं ध्यान उत्तम फलदायी होता है।
स्वास्थ्य लाभ के लिए करें कुशा के जल से भगवान का अभिषेक
पंडित बीरेंद्र नारायण मिश्र ने कहा कि स्वास्थ्य लाभ के लिए शिवरात्रि के दिन कुशा के जल से, नौकरी या व्यापार में उन्नति एवं धनलाभ के लिए गन्ने के रस से और संतान सुख, पुत्र प्राप्ति के लिए गाय के दूध से भगवान शिव का अभिषेक करने से निश्चित ही मनोवांछित फल की प्राप्ति होती है।