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एक भाई ने कुछ यूं पूरा किया बहन का सपना, पढ़िए

Tue, 28 Jan 2014 10:24 AM IST
दीपक शाही/अमर उजाला-पंचकूला
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जो सपने पैर चोटिल होने के कारण बहन पूरा नहीं कर सकी, उसके छोटे भाई ने उसी जज्बे को बरकरार रखते हुए राष्ट्रीय स्तर पर रिकॉर्ड कायम कर कामयाबी का परचम लहराया। 16 वर्षीय साहिल महाबली ने जब राष्ट्रीय स्तर पर लांग जंप में रिकार्ड बनाया तो उसके आंखों में आंसू छलक आए।
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साहिल ने रिकार्ड कायम कर बड़ी बहन को तोहफा दिया है। बीते रक्षा बंधन में साहिल जब अपनी बहन को उपहार देने लगा तो साहिल की बहन ये कह कर मना कर दिया की जिस दिन खेल में मेरे देखे गए सपने को पूरा करेगा वही मेरे लिए राखी का तोहफ होगा। उसकी उपब्धियों को देखते हुए प्रशासन ने इस गणतंत्र दिवस समारोह में उन्हें सम्मानित किया है।

 सेक्टर-3 स्थित ताऊ देवी लाल खेल नर्सरी के छात्र साहिल ने हॉल में 3-7 दिसंबर 2013 तक कर्नाटक (बंगलूरू) में आयोजित 29वीं जूनियर नेशनल एथलेटिक्स चैंपियनशिप में अंडर 16 आयु वर्ग के लांग जंप इवेंट में केरला के वीएस विनीथ का 7.19 मीटर का रिकार्ड तोड़कर 7.27 मीटर जंप लगाकर नेशनल रिकार्ड बनाया है। यह चैंपियनशिप एथलेटिक्स फेडरेशन ऑफ इंडिया की ओर से आयोजित की गई थी।
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इस उपलब्धि के लिए 2014 में होने वाले यूथ ओलंपिक गेम्स और कामनवेल्थ गेम्स के लिए साहिल का चयन किया गया। इसके लिए  बंगलूरू में जून-जुलाई 2014 में आयोजित इंडिया कैंप में हिस्सा लेंगे।

साहिल ने बताया कि वह पलवल के मडना गांव का निवासी है। इस उपलब्धि का श्रेय उसकी बड़ी बहन रक्षा को देता है। क्योंकि बचपन से ही रक्षा का सपना था कि वह लांग जंप में नेशनल रिकार्ड बनाकर ओलंपिक गेम्स में इंडिया को रिपरजेंट करे। लेकिन, प्रैक्टिस के दौरान पैर में बड़ी इंजरी होने की वजह से उसका सपना टूटने लगा था। तब, साहिल 8वीं कक्षा का छात्र था।

बहन की प्रेरणा से बना रिकार्ड
साहिल ने बताया कि खेल में कैरियर बनाने के लिए उसकी बहन ने काफी प्रेरित किया। कई स्पोर्ट्स प्लेयर्स का उदाहरण भी दिया साथ में अपने सपने को हवाला भी दिया।

महाबली ने बताया कि तब खेल में कुछ खास रुचि नहीं थी। बहन के सपने को पूरा करने के लिए एथलेटिक्स की प्रैक्टिस करने लगा। धीरे-धीर इससे लगाव बढ़ता गया।

तब गेम्स में हिस्सा लेने के लिए पंचकूला के ताऊ देवी लाल स्पोर्ट्स नर्सरी में एथलेटिक्स की ट्रेनिंग नसीम अहमद के अंडर लेने लगा। पिछले चार साल से ट्रेनिंग ले रहा हूं। यहां पर आकर काफी कुछ सीखने को मिला।

यूथ ओलंपिक के लिए जमकर बहा रहा पसीना
अब यूथ ओलंपिक और एशियन गेम्स में हिस्सा लेने के लिए डेली सुबह और शाम चार से पांच घंटे प्रैक्टिस करता हूं। साहिल ने बताया कि जब कभी थकान लगती है तो बहन के सपने की याद आ जाती है, एक सपना तो नेशनल में रिकार्ड बनाकर पूरा कर दिया, लेकिन अब ओलंपिक में पदक लाकर दूसरा सपना अभी पूरा करना है।

महाबली की उपब्धियों पर एक नजर
अंडर 16 आयुवर्ग में3-7 दिसंबर 2013 बंगलुरु में आयोजित 29वीं नेशनल जूनियर एथलेटिक्स चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक (नेशनल रिकार्ड कायम किया)।अक्टूबर 2013 में आयोजित जूृनियर नेशनल स्टेट एथलेटिक्स चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक29-30 जून 2013 में सोनीपत में आयोजित नार्थ जोन हरियाणा स्टेट एथलेटिक्स चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक18-20 मई 2013 आंध्र प्रदेश के गनटूर में आयोजित 18वीं यूथ नेशनल एथलेटिक्स मीट के अंडर 18 आयु वर्ग में स्वर्ण पदक (इसमें 16-18 आयुवर्ग के खिलाड़ी हिस्सा ले सकते है)27-28 मार्च 2013 सोनीपत में आयोजित यूथ नेशनल हरियाणा स्टेट एथलेटिक्स मीट में स्वर्ण पदकअंडर 16 आयुवर्ग में,8-10 दिसंबर 2012 भीवानी में आयोजित पाइका रूलर स्टेट एथलेटिक्स मीट में स्वर्ण पदक27-31 अक्टूबर 2012 लखनऊ में आयोजित जूनियर नेशनल एथलेटिक्स मीट में स्वर्ण पदक29-30 सितंबर 2012 जींद में आयोजित हरियाणा स्टेट एथलेटिक्स चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक
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