चंडीगढ़। एशियन गेम्स में आखिरी राउंड में नए जूतों को डालकर पहली दो ट्राई में बेहतर थ्रो करने में असफल रहा, क्योंकि वह स्लिप कर रहे थे। इसके बाद मैंने एक पांव में नया और दूसरे में पुराना जूता डालते हुए बेहतर थ्रो लगाते हुए स्वर्ण पदक जीतने में कामयाबी हासिल की। यह कहना है एशियन गेम्स में शाॅटपुट में स्वर्ण पदक जीतने वाले तजिंदर सिंह तूर का। वे शुक्रवार को शहर में थे। उन्हें चंडीगढ़ एथलेटिक्स एसोसिएशन की ओर से एक लाख रुपये का इनाम देकर सम्मानित किया गया। इस मौके पर तूर ने बताया, ‘चीन में खेली गई एशियन गेम्स के दौरान मेरे पास दो नए जूतों की जोड़ी थी। मैच के दौरान नए जूते पहनकर थ्रो कर रहा था, जिसके कारण वे काफी फिसल रहे थे, क्योंकि ग्रिप नहीं बन पा रहा था। जिस वजह से मेरे दो थ्रो खराब रहे। मुझे उस समय लगा कि मैं कहीं पदक की दौड़ से बाहर न हो जाऊं। परिवार वालों ने पटाखे लेकर घर पर जश्न की तैयारी कर रखी थी। ऐसे में मैंने एक पैर में पुराना जूता और एक में नए जूते का डाला जिससे पूरी पकड़ बनी और शानदार थ्रो कर भारत के लिए स्वर्ण पदक जीतने में कामयाब रहा।’
अगला टारगेट ओलंपिक
तजिंदर सिंह तूर ने बताया कि चीन में खेले गए एशियन गेम्स में स्वर्ण पदक जीतना गर्व की बात है और इससे भी बड़ी बात कि चार साल पहले जीते स्वर्ण पदक को इस एशियन गेम्स में दोबारा से जीत कर टाइटल अपने पास ही रखा। यह दोहरी खुशी की बात है। तूर ने कहा कि अब पेरिस ओलंपिक 2024 पर फोकस है। इसके लिए अगले कुछ दिनों में बंगलूरू में कैंप में हिस्सा लेंगे। उन्होंने कहा कि ओलंपिक के लिए वह पहले ही क्वालीफाई कर चुके हैं।