चंडीगढ़ के टैगोर थिएटर में प्राचीन कला केंद्र की ओर से कलाकार शुजात हुसैन को बारहवें मदन लाल कौसर अवॉर्ड से नवाजा गया। उन्हें यह पुरस्कार पंजाब और हरियाणा के राज्यपाल कप्तान सिंह सोलंकी ने दिया। इस मौके पर शुजात हुसैन ने सितार पर अपनी शानदार प्रस्तुति देकर हाल में बैठे दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।
अब तक मदन लाल कौसर अवार्ड पाने वाले कलाकार
इन को मिल चुका पहले सम्मान-मदन लाल कोसर अवॉर्ड की शुरूआत 2005 से शुरू हुई। सबसे पहले कत्थक केलिए सितारा देवी और सितार के लिए पंडित मनीलाल को दिया गया।
वर्ष 2006 में सितार के लिए उस्ताद शाहिद परवेज और कत्थक डांस में चरण गिरधर चंद, 2007 में सरोद वादक पंडित बुद्धदेव दासगुप्ता और भरतनाट्यम में डॉ. सरस्वती को, 2008 में सारंगी में पंडित राम नारायण और भरतनाट्यम में गुरु सरोजा को, 2009 में तबला वादन के लिए पंडित शंकर और कत्थक डांस केलिए गुरु सुनयना को, 2010 में ओडिसी डांस केलिए गुरु सोनल और मोहन वीणा के लिए विश्व मोहन भट्ट, 2011 में कत्थक डांस के लिए बिरजू महाराज को, 2012 में संतूर केलिए पंडित भजन सुपरी और कत्थक डांस में गुरु शोभना नारायण, 2014 में कत्थक में गुरु कुंदन लाल, वर्ष 2015 में संतूर केलिए पंडित सतीश व्यास को मदल लाल कौसर अवार्ड मिल चुका हैं।