रिश्वत के मामले में गिरफ्तार आरटीए नरिंदर सिंह धालीवाल को दोबारा विजिलेंस की टीम ने अदालत में पेश किया। विजिलेंस ने अदालत को सारी जानकारी दी और इसके बाद दोनों पक्षों की दलीलें सुनकर अदालत ने आरटीए नरिंदर सिंह धालीवाल को न्यायिक हिरासत में भेज दिया। सूत्र बताते हैं कि विजिलेंस ने अदालत में जोरदार तरीके से दोबारा रिमांड की मांग नहीं की थी। पीसीएस एसोसिएशन की पूरे पंजाब में हड़ताल और सीएम भगवंत मान के दखल के बाद विजिलेंस ने कार्रवाई ढीली कर दी है। पंजाब के सीएम भगवंत मान ने एसोसिएशन के सदस्यों को भरोसा दिलाया था कि इस मामले में किसी से धक्केशाही नहीं होगी।
आरटीए की गिरफ्तारी के बाद एमवीआई के साथ-साथ कई एजेंट भी विजिलेंस की राडार पर हैं। सूत्र बताते हैं कि आरटीए दफ्तर के मुलाजिमों ने भी पूरा काम बांट रखा हैं। ट्रांसपोर्टरों के साथ-साथ शहर की कई एजेंसियों और अन्य स्थानों से लाखों रुपये इकट्ठा किए जाते थे। आरटीए को न्यायिक हिरासत पर भेजने के बाद भी विजिलेंस लेखा-जोखा जुटाने में जुटी है।
दूसरे दिन भी हड़ताल जारी
पंजाब सिविल सर्विस के अधिकारियों और सरकारी दफ्तरों में काम करने वाले कर्मचारियों की हड़ताल दूसरे दिन भी जारी रही। लोगों की दफ्तरों में आमद रही लेकिन विजिलेंस की कार्रवाई के खिलाफ अधिकारी हड़ताल पर रहे तो कोई काम नहीं हो सका। इस कारण लोगों के काम नहीं हुए। कई लोगों ने विजिलेंस की कार्रवाई को सही ठहराया और पीसीएस अधिकारियों के हड़ताल पर जाने के आदेश को गलत बताया। विकास घई, अमित कुमार, सुनील कुमार, गगनदीप सिंह ने बताया कि एक अधिकारी की वजह से सारे विभाग का काम बंद करना सही है।
वह पिछले तीन दिन से लगातार अपना काम कराने के लिए आ रहे हैं लेकिन उनका काम नहीं हो रहा। अब दो दिन से अधिकारी और स्टाफ हड़ताल पर है। आरटीए दफ्तर में काम कराना है तो अधिकारी और मुलाजिम हड़ताल पर हैं। अगर सभी हड़ताल पर चले जाएंगे तो कैसे चलेगा। लोगों को परेशानी भुगतनी ही पड़ेगी। पंजाब में नई सरकार थी, सोचा था भ्रष्टाचार खत्म होगा। अब सरकार भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई कर रही है तो अधिकारी नहीं करना चाहते।