एक व्यक्ति ने अपनी तोंद कम करने के लिए हेल्थ सैंक्चयूरी के विज्ञापन के झांसे में आकर 26 हजार रुपये गवां दिए। लेकिन, 12 सिटिंग के बाद भी शिकायतकर्ता की तोंद में कोई कमी नहीं आई।
इसके बाद उसने हेल्थ सैंक्चयूरी के खिलाफ उपभोक्ता फोरम में शिकायत दी। उपभोक्ता फोरम ने हेल्थ सैंक्चयूरी को सेवा में कोताही का दोषी करार दिया है। उपभोक्ता फोरम ने हेल्थ सैंक्चयूरी को निर्देश दिया है कि वह शिकायतकर्ता को 26 हजार रुपये वापस करे।
मानसिक और शारीरिक हरासमेंट के लिए 10 हजार रुपये मुआवजा और सात हजार रुपये मुकदमा खर्च अदा करे। आदेश की प्रति मिलने के 30 दिनों के अंदर आदेश का पालन न करने पर 18 प्रतिशत वार्षिक की दर से ब्याज अदा करना होगा। यह आदेश जिला उपभोक्ता विवाद निवारण फोरम-2 चंडीगढ़ के अध्यक्ष राजन देवान, सदस्य जसविंदर सिंह सिद्धू और प्रीति मलहोत्रा ने सुनवाई के बाद दिया है।
शिकायतकर्ता अरविंद पायल निवासी सेक्टर-47सी चंडीगढ़ ने सेक्टर-8 सी चंडीगढ़ स्थित हेल्थ सैंक्चयूरी के मैनेजर के खिलाफ उपभोक्ता फोरम में शिकायत दी थी। शिकायत में उन्होंने कहा कि हेल्थ सैंक्चयूरी ने अपने विज्ञापन में स्टमक एरिया का फैट कम करने के बारे में जानकारी दी थी। शिकायतकर्ता ने कहा कि हेल्थ सैंक्चयूरी ने वादा किया था कि एक महीने का कोर्स है और 12 सिटिंग में पेट चार इंच कम हो जाएगा। शिकायतकर्ता ने पूरे कोर्स की फीस 16 हजार रुपये 17 जुलाई 2013 को जमा करा दिया।
शिकायतकर्ता ने उपभोक्ता फोरम को बताया कि 12 सिटिंग के बाद भी तोंद कम नहीं हुआ। इस संबंध में बात करने पर हेल्थ सैंक्चयूरी के प्रबंधों ने बताया कि उनका तोंद कम हो जाएगी। इसके लिए उन्हें पांच हजार रुपये और देने होंगे। इसके बाद भी तोंद कम नहीं हुई।
इसके बाद दूसरे पक्ष ने शिकायतकर्ता से पांच हजार रुपये की और मांग की। 26 हजार रुपये लेने के बाद भी हेल्थ सैंक्चयूरी अपने वादे पर खरा नहीं उतरा। शिकायतकर्ता ने हेल्थ सैंक्चयूरी को कानूनी नोटिस भेजकर अपनी राशि वापस मांगी, लेकिन दूसरे पक्ष ने नहीं दी।