चंडीगढ़। हरे कृष्ण हरे राम संकीर्तन से शनिवार को शहर गूंज उठा। इस मौके पर रथयात्रा निकाली गई। रथ में भगवान राधा माधव और श्री चैतन्य महाप्रभु के विग्रह विराजमान थे। रथ को खींचने के लिए भक्तों में होड़ मची रही। महिलाएं, पुरुष, बच्चे, संत और संन्यासी सभी नृत्य संकीर्तन करते चल रहे थे। अवसर था सेक्टर-20 के श्री चैतन्य गौड़ीय मठ में 53वें वार्षिक धर्म सम्मेलन के समापन का। बड़ी संख्या में विदेश से श्रद्धालु भी रथयात्रा में शामिल हुए। कार्यक्रम मठ के अखिल भारतीय आचार्य विष्णु महाराज के सानिध्य में हुआ। मृदंग की थाप और झाल की झंकार से लोग झूमते रहे। बैंडबाजा भी मधुर धार्मिक धुन बजाते चल रहे थे। श्रद्धालुओं ने जगह-जगह रथयात्रा का पुष्प वर्षा से स्वागत किया। रथ को फूलों से सजाया गया था। मठ के प्रवक्ता जय प्रकाश गुप्ता ने बताया कि शहर के उद्योगपति राजीव जिंदल ने बतौर मुख्यातिथि उपस्थित होकर रथयात्रा को झंडी दिखाकर रवाना किया। भक्तों ने नारियल फोड़े। उन्होंने बताया कि रथ पर सवार श्री चैतन्य महाप्रभु एवं श्री श्री राधा माधव को आकर्षक पोशाक एवं विभिन्न प्रकार के स्वादिष्ट व्यंजन अर्पित किए गए। मार्केट कमेटियों के पदाधिकारियों ने मिठाइयों, फलों, शीतल पेय व अन्य खाने-पीने की चीजों के स्टाल लगाकर रथयात्रा का स्वागत किया। रथयात्रा सेक्टर-20 से शुरू होकर 21, 21-22 और 17-18 की विभाजित सड़क से होते हुए सेक्टर-18 और 19 मार्केट होते हुए वापस मठ पहुंचकर रथयात्रा संपूर्ण हुई। इसके बाद भक्तों के लिए भंडोर का आयोजन किया गया। श्री चैतन्य गौड़ीय मठ अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपने आचार्य का जन्म शताब्दी महोत्सव मना रहा है।