सेक्टर-31 के जगन्नाथ मंदिर से बहुडा यात्रा में भाग लेने वाले श्रद्धालु बहुत ही उत्साहित दिखे।
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चंडीगढ़। भगवान जगन्नाथ अपने श्री मंदिर में अपने रत्नजड़ित सिंहासन पर विराजमान हो गए हैं। भक्तों ने बुधवार को बहुडा यात्रा का आयोजन किया। भगवान का रथ जैसे ही मौसी के घर आकर मंदिर में रुका तो नाराज महालक्ष्मी नाराज हो गई और मंदिर का पट बंद कर दिया। बाद में नाराज महालक्ष्मी भजन कीर्तन और गीत के बाद मान गई। मान्यता के अनुसार भगवान ने उन्हें रत्नमाला देकर मनाया।
23 जून को भगवान श्री जगन्नाथ भ्राता बलभद्र और बहन सुभद्रा के साथ रथ पर नगर भ्रमण के लिए निकले थे। इस दौरान वे मौसी के घर चले गए थे जिससे महालक्ष्मी नाराज हो गई थी। धार्मिक मान्यता के अनुसार बिना महालक्ष्मी को साथ लिए भगवान के मौसी के घर जाने पर वह नाराज हो गई थी। श्री जगन्नाथ मंदिर सेक्टर-31 को संचालित करने वाली संस्था उत्कल सांस्कृतिक संघ के वाइस चेयरमैन एसके भुइयां ने बताया कि कोरोना महामारी के कारण यात्रा को बाहर नहीं ले जाया गया। मंदिर में आने वाले भक्तों के हाथ सैनिटाइज करने के साथ ही सामाजिक दूरी का पूरा ख्याल रखा गया। इस मौके पर उत्कल सांस्कृतिक संघ के अध्यक्ष प्रोफेसर एसएस पटनायक, चेयरमैन डॉ. डी. बेहेरा, सचिव अरुण मलिक, अनिल मलिक व अन्य श्रद्धालु उपस्थित हुए।
बहुडा यात्रा के दौरान शंखनाथ करते हुए श्रद्धालु।- फोटो : CHANDIGARH