चंडीगढ़। रथयात्रा पर संशय के बादल छंट गए हैं। प्रशासन ने रथयात्रा की अनुमति दे दी है। इस रथयात्रा में 50 भक्त शामिल हो सकते हैं। सामाजिक दूरी का भी पालन करना होगा। रथयात्रा की अनुमति मिलते ही भगवान जगन्नाथ के भक्तों में खुशी है। अनुमति मिलने के साथ भक्तों ने भगवान के रथ को रात में ही सजाने का काम शुरू कर दिया।
सेक्टर 31 के श्री जगन्नाथ मंदिर से रथयात्रा निकाली जाएगी। भगवान रथ पर सवार होकर भक्तों को दर्शन देंगे। श्री जगन्नाथ मंदिर को संचालित करने वाली संस्था उत्कल सांस्कृतिक संघ के वाइस चेयरमैन एसके भुइयां ने बताया कि भक्तों में काफी खुशी है। उन्होंने कहा कि कोरोना वारयस के कारण रथ अधिक दूर तक नहीं जाएगा। मंदिर के बाहर गेट तक ही रथ जाएगा और फिर वहीं से भगवान जगन्नाथ मौसी के घर जाएंगे। वहां पर 10 दिनों के निवास के बाद बहुडा यात्रा के दौरान दोबारा श्री मंदिर में अपने सिंहासन पर विराजमान होंगे।
एसके भुइयां ने बताया कि मंगलवार की सुबह-सुबह पूजा अर्चना के बाद भगवान जगन्नाथ, बहन सुभद्रा और भ्राता बलभद्र रथ पर सवार होकर भक्तों को दर्शन देने के लिए निकलेंगे। उन्होंने कहा कि रथयात्रा में अधिक लोग न आएं। सामाजिक दूरी से ही भगवान का भक्त दर्शन कर सकेंगे।
उन्होंने कहा कि धार्मिक मान्यता के अनुसार भगवान देव स्नान पूर्णिमा के दिन 5 जून को 108 घड़ों के जल से स्नान के बाद बीमार हो गए थे। उनका पुजारियों ने जड़ी-बूटियों से इलाज किया। 20 जून को भगवान का नेत्र उत्सव हुआ। अब भगवान स्वस्थ हो गए है। रथयात्रा के लिए भक्तों में काफी उत्साह है।