फिरोजपुर सीट पर चुनाव लड़ रहे प्रत्याशियों की हार-जीत का फैसला राय सिख बिरादरी करेगी। इस हलके में राय सिख बिरादरी की लगभग तीन लाख वोटें हैं।
कांग्रेस ने फिरोजपुर से सुनील जाखड़ को चुनावी अखाड़े में उतारा है। जाखड़ अबोहर से ही तीन बार विधानसभा चुनाव जीते हैं और अबोहर में राय सिख बिरादरी की वोट नाम मात्र है।
शिअद प्रत्याशी राय सिख बिरादरी से हैं
उक्त बिरादरी का दबदबा जलालाबाद, गुरुहरसहाए और फाजिल्का में है। शिअद प्रत्याशी शेर सिंह घुबाया उक्त बिरादरी से संबंधित है। तभी जलालाबाद से घुबाया विधानसभा का चुनाव भारी मतों से जीता था और उसके बाद उपमुख्यमंत्री सुखबीर सिंह बादल भी जलालाबाद से उपचुनाव लड़े थे और लगभग 80 हजार वोटों से विजयी हुए थे।
इसके अलावा गुरुहरसहाए के विधायक राणा गुरमीत सिंह सोढ़ी भी लोकसभा चुनाव के लिए कांग्रेस के टिकट की दावेदारी जता रहे थे लेकिन आखिरी समय पर उनका नाम हटाकर जाखड़ को टिकट दे दिया गया।
सुरजीत सिंह ज्याणी का होल्ड भी है राय सिखों पर
गुरुहरसहाए में भी उक्त बिरादरी का काफी प्रभाव है। सोढ़ी नहीं चाहेंगे कि जाखड़ यहां से अधिक वोट प्राप्त कर सकें। सिर्फ फाजिल्का से डा. महिंदर रिणवा ही जाखड़ के साथ कंधे से कंधा जोड़ कर चलते नजर आ रहे हैं।
फाजिल्का में राय सिख बिरादरी की लगभग 80 हजार वोट हैं और यहां से भाजपा के विधायक सुरजीत ज्याणी भी है उनका भी उक्त बिरादरी में काफी होल्ड है।
1996 में हार गए थे सुनील जाखड़
जाखड़ साल 1996 का लोकसभा चुनाव फिरोजपुर से लड़े थे लेकिन बसपा के प्रत्याशी मोहन सिंह फलियां वाला से हार गए थे। ज्ञात हो कि मोहन सिंह फलियांवाला भी उक्त बिरादरी से संबंधित थे और 2014 के चुनाव में घुबाया भी उक्त बिरादरी से संबंधित हैं।
सियासी जानकारों का कहना है कि जीत हार उक्त बिरादरी की वोटों से ही होती है। क्योंकि उक्त बिरादरी अपनी पंचायत करने के बाद जब फैसला लेती है तो सभी एक जुट होकर उसी प्रत्याशी का समर्थन देती है। हलके में लगभग 14 लाख 98 हजार 293 वोटर हैं।