लोकसभा क्षेत्र लुधियाना में इस बार बहुकोणीय मुकाबला होने जा रहा है। पहले मुख्य मुकाबला कांग्रेस और शिरोमणि अकाली दल (शिअद) के बीच रहता था, जबकि इस बार आम आदमी पार्टी भी मैदान में कूद चुकी है।
पीपीपी, माकपा, भाकपा और अकाली दल लौंगोवाल पर आधारित साझा मोर्चा और बसपा के उम्मीदवार भी मैदान में होंगे। निर्दलीय उम्मीदवारों के तौर पर 2012 में विधानसभा की दो सीटें बड़े अंतर से जीतने वाले बैंस बंधुओं का रुख बहुत हद तक चुनावी नतीजों को प्रभावित करेगा।
शिअद ने दाखा से विधायक मनप्रीत सिंह अयाली को लुधियाना लोकसभा सीट से अपना प्रत्याशी बनाया है, जबकि ‘आप’ उम्मीदवार के रूप में जाने-माने वकील एचएस फुल्का मैदान में हैं।
पिछले चुनाव में शिअद के प्रत्याशी गुरचरन सिंह गालिब थे। कांग्रेस का टिकट इस बार भी केंद्रीय मंत्री मनीष तिवारी को मिलना लगभग तय है। साझा मोर्चा और बसपा भी यहां से अपने उम्मीदवार उतारने की तैयारी में हैं।
इस बीच 2012 के विधानसभा चुनाव में निर्दलीय उम्मीदवारों के रूप में आत्म नगर विधानसभा सीट से 28503 मतों से जीतने वाले सिमरजीत सिंह बैंस और लुधियाना साउथ से 32233 वोटों से विजयी रहे बलविंदर सिंह बैंस ने अलग ही राह अख्तियार की हुई है।
बैंस बंधु लुधियाना में वार्ड स्तर पर बैठकें करके लोगों की राय जान रहे हैं कि लोकसभा चुनाव में वह क्या रुख अख्तियार करें? जानकारों के अनुसार उनकी यह प्रैक्टिस तीन दिन में पूरी होगी और उसके बाद वह चुनाव लड़ने या न लड़ने के बारे में घोषणा करेंगे।
फिलहाल, बैंस बंधु विधानसभा में शिरोमणि अकाली दल को समर्थन दे रहे हैं। यदि वह विधानसभा की तरह ही आगामी लोकसभा चुनाव में अपने स्तर पर मैदान में उतरने का फैसला करते हैं, तो यह निश्चित तौर पर अन्य उम्मीदवारों के चुनावी भविष्य को प्रभावित करेगा। मोटे तौर पर एक दिलचस्प भिड़ंत लुधियाना में होने जा रही है।
शहर की छह, बाहर की तीन सीटें
इस लोकसभा सीट के अधीन आत्म नगर सहित लुधियाना सेंट्रल, ईस्ट, नॉर्थ, साउथ तथा वेस्ट विधानसभा क्षेत्र नगर निगम की सीमा के दायरे में आते हैं। लोकसभा क्षेत्र के अधीन आती गिल, दाखा और जगरांव विधानसभा सीटें नगर निगम लुधियाना की सीमा से बाहर हैं।
84,7033 ने किया था मतदान
वर्ष-2009 के लोकसभा चुनाव में इस सीट पर 847033 वोटरों ने अपने मताधिकार का इस्तेमाल किया था। इनमें से 459477 पुरुष, जबकि 387556 महिलाएं थीं। मतों की कुल संख्या 1309308 थी।
दाखा-जगरांव में गालिब रहे आगे
वर्ष-2009 के लोकसभा चुनाव में कांग्रेस के मनीष तिवारी ने शिअद प्रत्याशी गुरचरन सिंह गालिब को 11,3706 मतों के अंतर से हराया था। दाखा और जगरांव विधानसभा क्षेत्रों में गालिब को कुल 6351 की लीड मिली थी।
वहीं, बाकी सात विधानसभा क्षेत्रों में तिवारी की कुल लीड 1,20,057 की रही और वह 113706 मतों के अंतर से जीते। इस बार तिवारी का जलवा कायम रहता है या नहीं, परिस्थितियों पर निर्भर करेगा।
विधानसभा चुनाव में बदला माहौल
वर्ष-2009 की तुलना में विधानसभा चुनाव 2012 में लुधियाना के चुनावी हालात बदले। इस दौरान लोकसभा क्षेत्र की नौ विधानसभा सीटों में से चार शिअद, तीन कांग्रेस और दो निर्दलीय प्रत्याशियों की झोली में गईं।
दाखा, गिल, जगरांव और लुधियाना ईस्ट सीटों पर शिअद को जीत मिली। आत्म नगर और लुधियाना साउथ पर निर्दलीय बैंस बंधु, जबकि लुधियाना सेंट्रल, नॉर्थ एवं वेस्ट सीटों पर कांग्रेसी प्रत्याशियों को जीत हासिल हुई थी।